आधी रात को मची अफरा-तफरी: 4.5 की तीव्रता से डोली ग्यालशिंग की जमीन, क्या हुआ कोई बड़ा नुकसान

Chaos erupted at midnight: The ground in Gyalshing shook with a magnitude 4.5 earthquake, but did it cause any major damage?

Sikkim Earthquake की घटना से  देर रात राज्य में अफरा-तफरी मच गई, जब ग्यालशिंग क्षेत्र में अचानक धरती कांप उठी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई और यह झटका रात 1:09 बजे दर्ज किया गया। गहरी नींद में सो रहे लोग तेज कंपन महसूस होते ही घबरा गए और एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए।

भूकंप के झटके इतने स्पष्ट थे कि ग्यालशिंग और आसपास के इलाकों में कई लोग तुरंत जाग गए। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, झटकों के दौरान घरों की खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे, जिससे डर का माहौल बन गया। हालांकि भूकंप की अवधि कम रही, लेकिन अचानक आए झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया।

Sikkim Earthquake के बाद संभावित आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए कई लोग कुछ मिनटों तक घरों के बाहर ही खड़े रहे। बच्चों और बुजुर्गों में डर ज्यादा देखा गया। कई परिवारों ने मोबाइल फोन के जरिए अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से संपर्क कर उनकी कुशलक्षेम की जानकारी ली। कुछ समय बाद स्थिति सामान्य होने लगी, लेकिन लोगों में बेचैनी बनी रही।

प्रशासन ने राहत की खबर देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

गौरतलब है कि सिक्किम भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण, आपदा प्रबंधन की जानकारी और पूर्व तैयारी ही Sikkim Earthquake जैसी प्राकृतिक घटनाओं से सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर उपाय है।

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