झारखंड: चोरी की बाइक से घूमता था, लेकिन खुद को पुलिसवाला बताता था, पुलिसवाले चोर गैंग का हुआ पर्दाफाश
Jharkhand: He used to roam around on a stolen bike, but claimed to be a policeman; the police have busted a gang of thieves posing as police officers.

चाईबासा। खुद चोरी की बाइक से घूमता था, लेकिन खुद को पुलिस बताता था। पुलिस ने खुद को पुलिसवाला कहने वाले गैंग को गिरफ्तार किया है। पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस ने ये कार्रवाई की है।
बताया जा रहा है कि फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर आम लोगों से ये गैंग वसूली करता था। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथ शामिल एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल, कई मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। 14 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक चाईबासा अमित रेणु को गुप्त सूचना मिली थी कि तांतनगर चौक के आसपास काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पुलिस की फर्जी नंबर प्लेट और लोगो का इस्तेमाल कर आम लोगों से पैसे की वसूली कर रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी के निर्देश पर तत्काल एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तांतनगर पुल के पास संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली। बाइक पर सवार एक युवक ने अपना नाम रोशन एक्का बताया, जबकि उसके साथ एक नाबालिग भी मौजूद था।
तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल की सीट के नीचे से एक अतिरिक्त फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए नंबर प्लेट बदलते रहते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि बरामद मोटरसाइकिल चोरी की है। आरोपियों ने चोरी की बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट और पुलिस का लोगो लगाकर उसे पुलिस वाहन जैसा दिखाने की कोशिश की थी।
इसके अलावा उनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड की छायाप्रति भी बरामद की गई है। मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। आरोपियों ने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर वरीय पुलिस अधिकारियों की तस्वीरें लगाकर लोगों को भ्रमित किया और डराने का प्रयास किया था।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को धमकाते थे और उनसे पैसे की मांग करते थे। पुलिस का रौब दिखाने के लिए वे फर्जी नंबर प्लेट, लोगो और वरिष्ठ अधिकारियों की तस्वीरों का सहारा लेते थे।
इस पूरे मामले में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 13/2026 दर्ज किया गया है।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।









