कर्मचारियों की बड़ी खबर : पेंशन नियमों में सरकार बड़े बदलाव की तैयारी में, नयी कमेटी का किया गठन, जानिये कर्मचारियों को किस तरह से होगा फायदा

Big news for employees: The government is preparing to make major changes to pension rules, and a new committee has been formed. Find out how employees will benefit.

Penshion News : पेंशन नियमो में जल्द ही बड़ा बदलाव दिखेगा। सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। एक हाईटेक कमेटी का गठन किया गया है, सिफारिश पर सरकार जल्द ही निर्णय लेगी।

जानकारी के मुताबिक नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत निवेशकों को न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न देने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) एक नई स्कीम लाने की तैयारी कर रही है।

बताया जा रहा है कि पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) अब NPS के अंतर्गत एक ऐसी नई योजना लाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें निवेशकों को न्यूनतम गारंटीड रिटर्न का भरोसा मिलेगा।

इस प्रस्तावित योजना को ‘मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न स्कीम’ (MARS) नाम दिया गया है।इस उद्देश्य से PFRDA ने एक इंटरनल एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है, जो इस नई स्कीम का विस्तृत ढांचा तैयार करेगी।

कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद इसे आम जनता और हितधारकों के सुझावों के लिए पब्लिक कंसल्टेशन में रखा जाएगा। यह पहल पेंशन फंड नियामक अधिनियम के अनुरूप है और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है, ताकि हर नागरिक को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित किया जा सके।

कमेटी का गठन और उद्देश्य
PFRDA के चेयरमैन दीपक मोहंती ने जानकारी दी कि इस स्कीम की व्यवहारिकता और संरचना तय करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की अध्यक्षता दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एम.एस. साहू कर रहे हैं। यह 15 सदस्यीय समिति विधि, वित्त, पूंजी बाजार, मूल्यांकन और शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल करती है।

समिति को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह आवश्यकता पड़ने पर बाहरी विशेषज्ञों और सलाहकारों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल कर सके। यह समिति एक स्थायी सलाहकार समिति के रूप में नियमित पेंशन भुगतान, बाजार आधारित गारंटी, जोखिम प्रबंधन, कानूनी निगरानी और अंशधारकों की सुरक्षा जैसे विषयों पर काम करेगी।

मार्केट-लिंक्ड NPS से अलग होगी नई स्कीम
वर्तमान में NPS पूरी तरह से मार्केट-लिंक्ड योजना है। इसमें मिलने वाला रिटर्न शेयर बाजार, सरकारी बॉन्ड और कॉर्पोरेट बॉन्ड के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। लंबी अवधि में NPS ने बेहतर रिटर्न दिए हैं, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण कई निवेशक जोखिम से बचना चाहते हैं।

MARS स्कीम ऐसे ही निवेशकों के लिए तैयार की जा रही है, जो रिटायरमेंट के बाद स्थिर और सुनिश्चित आय चाहते हैं। इस योजना के तहत पेंशन फंड मैनेजरों को न्यूनतम गारंटीड रिटर्न देना होगा, जिससे निवेशकों को बाजार के जोखिम से कुछ हद तक सुरक्षा मिलेगी।

गारंटी की कीमत भी चुकानी पड़ सकती है
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि गारंटीड रिटर्न के बदले निवेशकों को कुछ समझौता करना पड़ सकता है। इसके तहत या तो मैनेजमेंट चार्ज थोड़ा बढ़ सकता है या फिर सामान्य मार्केट-लिंक्ड NPS योजनाओं की तुलना में रिटर्न कुछ कम हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पेंशन फंड्स को गारंटी पूरी करने के लिए अतिरिक्त पूंजी सुरक्षित रखनी होगी।

NPS का दायरा बढ़ाने की कोशिश
PFRDA का मानना है कि इस नई स्कीम से NPS का दायरा और व्यापक होगा। देश में एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से डरकर रिटायरमेंट प्लानिंग में निवेश नहीं कर पाता। गारंटीड रिटर्न की सुविधा मिलने से ऐसे लोग भी NPS से जुड़ सकेंगे।

इसके साथ ही PFRDA NPS की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को सरल बनाने, सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) को बेहतर करने और रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन भुगतान को अधिक सुगम बनाने पर भी काम कर रहा है।

कुल मिलाकर, ‘मिनिमम एश्योर्ड रिटर्न स्कीम’ NPS को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और निवेशक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाले सार्वजनिक परामर्श पर टिकी हैं।

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