कोहरे और भयंकर टक्कर ने मचाया हाहाकार…जलती बसों में चीख-पुकार…13 मृत और 66 घायल…
घंटों बाद रेस्क्यू शुरू, मृतकों की पहचान डीएनए से होगी

मथुरा: मंगलवार तड़के 3:33 बजे, मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक भयानक हादसा हुआ। कोहरे के कारण 7 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं, जिससे आग लग गई और 13 लोगों की मौत हो गई। 66 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है।
हादसे का मंजर:
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर होते ही बसों में बम जैसा धमाका हुआ। लोग चीखते और शीशा तोड़कर कूदते रहे। कई बसों के दरवाजे लॉक थे, जिससे यात्रियों की जान खतरे में पड़ी। एक युवती ने बताया, “अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंचती तो कई जानें बच सकती थीं।”
सबसे पहले थाना बलदेव एरिया के माइलस्टोन 127 के पास कारें आपस में टकराईं। इसके बाद वॉल्वो बस और पीछे से आती अन्य बसों की टक्कर से आग फैल गई। टक्कर और धमाके के बीच पीछे की 6 और बसें जलने लगीं।
रेस्क्यू ऑपरेशन:
हादसे के घंटेभर बाद रेस्क्यू शुरू हुआ।
फायर ब्रिगेड, एक्सप्रेस-वे कर्मचारी, पुलिस और मेडिकल स्टाफ के करीब 50 लोग राहत कार्य में जुटे।
मथुरा, रिफाइनरी और हाथरस से 11 फायर गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
14 एंबुलेंस घायल लोगों को अस्पताल लेकर गई।
पहला मरीज जिला अस्पताल में 5:15 बजे लाया गया।
रेस्क्यू लगभग 6 घंटे चला, उसके बाद एक्सप्रेस-वे यातायात के लिए खुला।
मृतकों की पहचान:
आग और टक्कर के कारण कई मृतकों की शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत थे। पोस्टमॉर्टम के लिए शवों को 17 बैग्स में भरकर भेजा गया। पहचान के लिए DNA टेस्ट किया जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुभव:
यात्रियों ने बताया कि सिलेंडर ब्लास्ट जैसी आवाजें हुईं।
मोबाइल, लैपटॉप और निजी सामान जल गए।
कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई।
एक सफारी कार सवार युवक ने कहा कि गाड़ी में सभी सो रहे थे, अचानक जोरदार झटका लगा और बसें टकराईं।
हादसे के बाद प्रशासन की प्रतिक्रिया:
SSP श्लोक कुमार और DM चंद्र प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे।
रेस्क्यू में फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल टीम ने मिलकर घायल और मृतकों को सुरक्षित किया।
यह हादसा कोहरे और तेज रफ्तार का खौफनाक परिणाम है। चश्मदीदों ने कहा कि यह मंजर कभी नहीं भूला जा सकेगा।









