पपीता: सर्दियों में क्यों बन सकता है आपकी सेहत का सुपरस्टार, जानिए इसकी तासीर और फायदे

पपीता की तासीर: ठंडी या गर्म?
आयुर्वेद के अनुसार, पपीते की तासीर गर्म होती है। इसका मतलब है कि यह शरीर में गर्मी पैदा करता है और पाचन शक्ति को बढ़ाता है। यह वात और कफ दोषों को शांत करने में भी मदद करता है।
साथ ही, पपीता विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जिससे यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
सर्दियों में पपीते का सेवन क्यों फायदेमंद है
सर्दियों में पपीता खाना सेहत के लिए बेहद लाभकारी है। इसकी गर्म तासीर ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गर्माहट देती है और कई स्वास्थ्य लाभ पहुंचाती है।
1. पाचन में सुधार
सर्दियों में पाचन धीमा हो जाता है। पपीते में मौजूद एंजाइम और गर्म तासीर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है और कब्ज से राहत दिलाती है।
2. इम्यूनिटी बूस्ट
विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर पपीता सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
3. डिटॉक्सिफिकेशन
पपीता शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में सहायक होता है।
4. त्वचा और आंखों के लिए फायदेमंद
विटामिन-ए से भरपूर यह फल त्वचा को स्वस्थ और आंखों को मजबूत बनाए रखता है।
सर्दियों में पपीता सिर्फ स्वादिष्ट फल ही नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी है। इसकी गर्म तासीर और पोषक तत्व शरीर को ठंड से बचाने, इम्यूनिटी बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद करती है।









