झारखंड कैबिनेट ब्रेकिंग: छुट्टी पर कैबिनेट में लगेगी मुहर, पेसा एक्ट पर होगा बड़ा फैसला, 10 से ज्यादा एजेंडों पर कुछ देर में कैबिनेट में चर्चा
Jharkhand Cabinet Breaking: Cabinet to approve leave, major decision on PESA Act, cabinet to discuss more than 10 agendas shortly

Hement Cabinet Update : झारखंड सरकार अब से कुछ देर बाद होने वाली अहम कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लेने वाली है। जानकारी के मुताबिक आदिवासी समुदाय से जुड़े एक बड़े प्रस्ताव पर आज कैबिनेट में मुहर लगेगी। सोहराय पर्व पर दो दिनों के अवकाश और पेसा एक्ट की नियमावली को कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है। वहीं 15 से ज्यादा एजेंडों पर चर्चा होगी, जिनमें नीति निर्माण और नई योजनाओं के महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन में अब से कुछ देर बाद राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक होगी। जानकारी के मुताबिक सोहराय पर्व पर दो दिनों के सरकारी अवकाश को लेकर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। यह फैसला राज्य की जनजातीय पहचान और सांस्कृतिक विरासत को और अधिक मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सोहराय पर्व पर दो दिन की छुट्टी का प्रस्ताव
झारखंड सरकार ने इससे पहले सरहुल और करम पर्व पर दो-दिवसीय अवकाश का प्रावधान किया था। अब इसी श्रृंखला में जनजातीय समुदाय के एक और प्रमुख त्योहार सोहराय पर भी दो दिन की छुट्टी देने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा गया है।
सोहराय पर्व पशुपालन, कृषि और प्रकृति संरक्षण से जुड़े सांस्कृतिक मूल्यों का उत्सव है, इसलिए इसे दो दिन की छुट्टी प्रदान कर राज्य सरकार जनजातीय भावनाओं के सम्मान को और मजबूती देगी।
पेसा एक्ट की नियमावली को मिल सकती है मंजूरी
कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा पेसा एक्ट (PESA Act) की नियमावली से जुड़ा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और आदिवासी संगठनों की लंबे समय से यह मांग रही है कि अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा को पूरी तरह लागू कर ग्राम सभा को अधिक अधिकार दिए जाएं।
पेसा एक्ट लागू होने से
• आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वशासन की व्यवस्था मजबूत होगी।
• ग्राम सभाएं स्थानीय संसाधनों, योजनाओं और विकास कार्यों पर अधिक अधिकार प्राप्त करेंगी।
• स्थानीय परंपराओं और समुदायिक संरचनाओं को संरक्षित करते हुए शासन प्रणाली को विकेंद्रीकृत किया जा सकेगा।
सरकार के अनुसार, पेसा नियमावली को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है, जो आदिवासी नीति के लिए बड़ा मील का पत्थर होगा।
पेसा एक्ट के तहत प्रस्तावित बदलाव
नियमावली के लागू होने पर ग्राम सभाओं को निम्न शक्तियां और व्यवस्थाएं दी जाएंगी:
• प्रत्येक राजस्व ग्राम में एक ग्राम सभा का गठन अनिवार्य होगा।
• छोटे गांवों या आवासों का समूह अपनी पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कार्य संचालित कर सकेगा।
• ग्राम सभा से ऊपर की बहुस्तरीय व्यवस्थाएं भी इस ढांचे का हिस्सा होंगी।
• ग्राम सभा की बैठक कम से कम महीने में एक बार आयोजित की जाएगी।
• आवश्यकता पड़ने पर 1/10 सदस्य या 50 सदस्य लिखित निवेदन देकर बैठक बुलाने की मांग कर सकेंगे।
• कुल सदस्यों के एक तिहाई की उपस्थिति आवश्यक होगी और उसी में से एक तिहाई महिलाएं होना अनिवार्य होगा।









