पुतिन 11वीं बार भारत आ रहे हैं! हर बार ‘दिसंबर’ ही क्यों चुनते हैं रूस के राष्ट्रपति?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर से दो दिवसीय भारत यात्रा पर आ रहे हैं। यह रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी, जिसमें वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

पुतिन की भारत यात्राओं की एक दिलचस्प विशेषता यह रही है कि वे अक्सर दिसंबर महीने को ही चुनते हैं। अपनी आगामी यात्रा के साथ, यह उनका 11वां दौरा होगा।

पुतिन की पिछली भारत यात्राएँ:

  • अक्टूबर 2000 (पहला दौरा)

  • दिसंबर 2002

  • दिसंबर 2004

  • जनवरी 2007

  • मार्च 2010 (प्रधानमंत्री के रूप में)

  • दिसंबर 2012

  • दिसंबर 2014

  • अक्टूबर 2018

  • दिसंबर 2021

  • दिसंबर 2025 (आगामी यात्रा)

दिसंबर में यात्रा क्यों?
मुख्य कारण यह है कि भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन पारंपरिक रूप से दिसंबर में आयोजित होता है। यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग की दिशा तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण मंच है। इसलिए, पुतिन की अधिकांश यात्राएँ इसी महीने होती रही हैं।

इसके अलावा, दिसंबर के मौसम की अनुकूलता भी एक सहायक कारण है। भारत में दिसंबर में उत्तरी हिस्सों में तापमान कम होता है और सर्दी रहती है, जो रूस जैसे अत्यधिक ठंडे देश के उच्च स्तरीय दौरे के लिए उपयुक्त माना जाता है।

प्रधानमंत्री पुतिन का दौरा:
पुतिन ने एक बार मार्च 2010 में प्रधानमंत्री के रूप में भी भारत का दौरा किया था। इस दौरे का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को आगे बढ़ाना था। राष्ट्रपति के रूप में उनका मुख्य एजेंडा हमेशा वार्षिक शिखर सम्मेलन रहा है, जो भारत के साथ उनके संबंधों की उच्च प्राथमिकता को दर्शाता है।

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