ब्रेकिंग: BJP ने फाइनल किया UP का नया प्रदेश अध्यक्ष…ओबीसी वोटों पर दांव…मोदी-शाह और नड्डा का बड़ा फैसला…

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। भाजपा (BJP) अपने नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा करने की तैयारी में है। वर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का कार्यकाल पूरा हो चुका है, और संगठन में बड़े बदलाव की कवायद तेज हो गई है।

बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इसी मुलाकात में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है।

ओबीसी समुदाय पर सियासी रणनीति
पिछले दस सालों में यूपी बीजेपी की बागडोर लगातार ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय के हाथों में रही है।

  • पहला दौर: मौर्य समाज से केशव प्रसाद मौर्य

  • दूसरा दौर: कुर्मी नेता स्वतंत्र देव सिंह

  • तीसरा दौर: जाट समाज से भूपेंद्र चौधरी

अब नया प्रदेश अध्यक्ष भी ओबीसी समुदाय से ही होने की संभावना है। पार्टी की नजर गैर-यादव ओबीसी वोटों पर है।

कौन-कौन से समुदाय चर्चित हैं?

  1. लोधी समुदाय:
    पारंपरिक वोटबैंक, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पोते संदीप सिंह, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह चर्चा में हैं।

  2. निषाद समुदाय:
    यूपी में लगभग 6% वोट वाले इस समुदाय से साध्वी निरंजन ज्योति और संगठन के करीबी बाबूराम निषाद संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं।

  3. पाल समुदाय:
    अतिपिछड़ा वर्ग और गैर-यादव ओबीसी को साधने के लिए केंद्रीय मंत्री एसपी बघेल पर दांव लग सकता है।

इसके अलावा, पूर्व सांसद अमरपाल मौर्य, अशोक कटारिया, विद्या सागर सोनकर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा का नाम भी चर्चा में है।

राजनीतिक महत्व
नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव BJP की 2027 विधानसभा चुनाव रणनीति की पहली और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। यह पद केवल संगठन का नेतृत्व ही नहीं बल्कि ओबीसी और गैर-यादव वोट बैंक पर पार्टी की पकड़ को मजबूत करने का अहम कदम माना जा रहा है।

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