बड़ा खुलासा : जेपीएससी के 69 असिस्टेंट प्रोफेसर की प्रमोशन पर लगी रोक, जानिए क्या है पूरा मामला?

Big revelation: Promotion of 69 Assistant Professors of JPSC put on hold, know what is the whole matter?

JET 2006 Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने CBI की अनुशंसा के बाद JET-2006 परीक्षा के अंतर्गत चयनित वर्ष 2008 बैच के 69 असिस्टेंट प्रोफेसरों की प्रोन्नति पर रोक लगा दी है। दीपावली से ठीक पहले आयोग ने कुल 488 असिस्टेंट प्रोफेसरों को Stage-I से Stage-II में प्रमोट किया था, लेकिन इन 69 शिक्षकों को सूची से अलग रखा गया।

CBI ने बताया कि ये सभी शिक्षक JET-2006 में कदाचार (malpractice) के आरोपों के तहत जांच के दायरे में हैं। इनमें से कई के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और कुछ को पहले जेल भी जाना पड़ा था, जो फिलहाल जमानत पर हैं। प्रमुख नामों में धीरज कुमार, ममता केरकेट्टा, जेएस मुंडा, सुप्रभा, भारती कुमारी, अर्चना सिन्हा, राघवेंद्र सिंह, विनय कुमार, मनीष दुबे, राजेंद्र सिंह, शशि किरण, प्रीति और जितेंद्र कुमार शामिल हैं।

JPSC की पूर्व अध्यक्ष डॉ. नीलिमा केरकेट्टा ने CBI से जांच रिपोर्ट और संबंधित शिक्षकों की सूची मांगी थी। इसके बाद सचिव ने JET-2006 के तहत नियुक्त 750 Assistant Professor से जुड़े मामलों की अद्यतन जानकारी मांगी।

आयोग ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रोन्नत 488 असिस्टेंट प्रोफेसरों की सूची नवंबर 2025 तक संबंधित विश्वविद्यालयों को भेज दी जाएगी। जिनकी प्रोन्नति कागजात की कमी के कारण रुकी हुई थी, उन्हें दस्तावेज़ मिलने के बाद Stage-II में प्रमोट किया जाएगा।

साथ ही, JPSC ने गैर-शैक्षणिक पदों (रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक, वित्त पदाधिकारी, उपकुलसचिव, सहायक कुलसचिव) पर 23 रिक्तियों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने पर विचार किया है, ताकि नए प्रोन्नत शिक्षक भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकें। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर 2025 निर्धारित थी।

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