झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी से मांगा जवाब: क्यों लंबित हैं फॉरेंसिक लैब में नियुक्तियां?

Jharkhand High Court seeks answer from JPSC: Why are appointments in forensic lab pending?

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने फॉरेंसिक साइंस लैब में रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर स्वतः संज्ञान से दर्ज मामले की सुनवाई की। जस्टिस आर. मुखोपाध्याय और जस्टिस पी.के. श्रीवास्तव की खंडपीठ ने जेपीएससी को निर्देश दिया कि नियुक्तियों में हो रही देरी पर लिखित जवाब दाखिल किया जाए। अदालत ने साफ किया कि यह बताना अनिवार्य है कि अब तक नियुक्तियां क्यों नहीं हो पाईं।

मुख्य बिंदु:

  • फॉरेंसिक लैब नियुक्ति मामले पर स्वतः संज्ञान

  • हाईकोर्ट ने जेपीएससी से मांगा लिखित जवाब

  • निदेशक पद के लिए विज्ञापन जारी, अन्य पदों पर प्रक्रिया लंबित

  • सरकार ने 3 सितंबर को शैक्षणिक योग्यता पर दिया मंतव्य

  • अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को

सुनवाई के दौरान जेपीएससी ने मौखिक रूप से बताया कि निदेशक पद के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। हालांकि, सहायक निदेशक और वरीय वैज्ञानिक के पदों पर अधियाचना में शैक्षणिक योग्यता स्पष्ट नहीं थी। इस कारण सरकार से राय मांगी गई थी। राज्य सरकार ने 3 सितंबर को मंतव्य भेज दिया है, जिसके बाद जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अदालत ने मौखिक जवाब को रिकॉर्ड पर लिया और लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि हरि महतो की आपराधिक अपील पर सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि फॉरेंसिक लैब से रिपोर्ट आने में अत्यधिक देरी हो रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

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