शिमला। गर्मी का सितम पूरा देश झेल रहा है। पारा अब 44-45 डिग्री पर पहुंच गया है, ऐसे में गर्मी से सुकून की तलाश हर कोई कर रहा है। गर्मी में ऐसे ही सुकून की तलाश आप भी कर रहे हैं, तो हम आपको बता दे रहे हैं उन हिल स्टेशन (Cold Place) का पता, जहां ना सिर्फ आपको ठंडक का अहसास होगा, बल्कि प्राकृतिक खुशबू से भी आप रूबरू हो सकेंगे। दिल्ली और एनसीआर के लिए गरमी (summer vacation) में सबसे सटीक ठिकाना है शिमला, मनाली और धर्मशाला। गर्मी के इस सीजन में ये जगह किसी जन्नत से कम नहीं। आईये आपको हिमाचल की खुबसूरत वादियों (Tourist spot) और ठंडक देने वाले ठिकानों का पता बता देते हैं।

हिमाचल (Himachal Pradesh) के हिल स्टेशन (Hill Station) कुल्लू-मनाली, डलहौजी, शिमला, खज्जियार, कसोल, बीर, मैकलोडगंज, लाहुल स्पीति घाटी, नाहन, काजा, कल्पा वो जगह है, जहां पर्यटकों के लिए अलग-अलग वक्त अलग- अलग खुबसूरती मौजूद होती है।

शिमला (Shimla)

गरमी में तो शिमला प्रर्यटकों के लिए जन्नत है। पहाड़ों की रानी के रूप में चर्चित शिमला की समुद्र तल से ऊंचाई 2130 मीटर है। चारों ओर देवदार और पाइन के घने पेड़ के बीच बसा शिमला जो एक बार गया, वो उसका मुरीद हो गया। शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी के साथ जिला मुख्यालय और सबसे बड़ा शहर भी है। शिमला में प्राकृतिक खुबसूरती को आधुनिकता के पैमाने से जोड़कर प्रर्यटकों के मुफीद बना दिया गया है। जहां ना सिर्फ पहुंचना बेहद आसान है, बल्कि इस हिल स्टेशन से आपको अन्य जगहों पर जाने के लिए बड़े आराम से कनेक्टविटी भी मिल जाती है। इस हिल स्टेशन में खुबसूरती, पुरानी इमारतें, अंग्रेजों के दौर में बनाया गया हिल स्टेशन लोगों को खुब लुभाता है। शिमला अगर आये तो रिज मैदान, माल रोड, प्राचीन जाखू मंदिर, चैडविक फाल्स, वाइस रीगल लॉज जैसे जगहों पर जाना ना भूले, क्योंकि ये ऐसी चीजें हैं, जहां ना सिर्फ खुबसूरती देखने को मिलेगी, बल्कि हिमाचल की संस्कृति, परंपरा को भी करीब से जानने का मौका मिलेगा। लीव स्पेंड करना हो या फिर हनीमून के लिए सूकून का दौर तलाशना शिमला इसके लिए परफेक्ट जगह है। शिमला के लिए घूमने का सबसे मुफीद वक्त मार्च से जून और बर्फवारी के लिए नवंबर से फरवरी तक का है। अगर हवाई मार्ग से आप शिमला आना चाहते हैं, तो कई शहरों से इसकी कनेक्टविटी मिल जायेगी। शिमला से सिर्फ 22 किलोमीटर दूर जुब्बरहट्टी हवाई अड्डा है, जहां से आसानी से आप शिमला आ सकते हैं। अगर आप ट्रेन से आ रहे हैं तो शिमला के अलावे कालका और सोलन स्टेशन से भी शिमला पहुंचकर हिल स्टेशन का मचा ले सकते हैं।

धर्मशाला (Dhramshala)

धर्मशाला भले ही शिमला से छोटा शहर है, लेकिन खुबसूरती और प्रसिद्धि शिमला से कम नहीं है। धोताधार पर्वत के उपरी तल पर स्थित धर्मशाला बर्फ की ढकी चोटियों, बौद्ध मंत्रोच्चार और गूंजती घंटियों की आवाज के बीच बसा शहर है। कांगड़ा जिले में स्थित धर्मशाला बेहद ही मनोरम स्थल है, जो जिला का मुख्यालय भी है। कांगड़ा डिस्ट्रिक्ट से ये 16 किलोमीटर की दूरी पर है। धर्मशाला में आपको प्राकृतिक खुबसूरती जितना सुकून देती है, अध्यात्म की वजह से उतनी ही शांति का अहसास भी होगा। यहां भागसू जलप्रपात और झरने के बगल में भागसूनाथ मंदिर लोगों को काफी आकर्षित करता है। प्राचीनता वैभव को देखने आप राक कट मसरूर मंदिर और कांगड़ा किला जा सकते हैं। वहीं मैकलोडगंज और दलाईलामा मंदिर में आप कई बौद्ध मठों और सैंकड़ो भिक्षुओं को उनके चमकीले लाल वस्त्रों से सड़कों पर घूमते हुए देख सकते हैं। धर्मशाला में सबसे अच्छा वक्त घूमने का अक्टूबर से जुलाई तक का है। धर्मशाला आकर आपक डल झील, मैकलोडगंज, युद्ध स्मारक धर्मशाला,. क्रिकेट स्टेडियम, ब्रजेश्वरी मंदिर, कांगड़ा किला, नामग्याल मठ, दलाईलामा मंदिर, कांगड़ा संग्रहालय, मसरूर राक कट मंदिर, त्रियुंड जैसी जगहों पर जाकर घूमने जा सकते हैं। धर्मशाला अगर आप आना चाहते हैं तो हवाई और रेल मार्ग दोनों की बेहतर व्यवस्था है। धर्मशाला से सिर्फ 13 किलोमीटर की दूरी पर धर्मशाला-कांगडा हवाई अड्डा है। वहीं रेलवे स्टेशन के लिए कांगडा रेलवे स्टेशन बेहतर आने जाने का माध्यम है।

मनाली (manali)

आपको बर्फ अगर रोमांचित करती है  है, कंपकंपाती हुई ठंड आपको पसंद है, आपको प्रकृति के बीच वक्त गुजारना पसंद है, तो टिकट लेकर तुरंत मनाली आईये। यहां आपको वो हर चीज मिलेगी, जिसकी तलाश आप जलती-चुभती गर्मी से बचने केलिए कर रहे हैं। मनाली का आकर्षक यहां का खुबसूरत शहर, सौदर्य स्थल, मंदिर, कुंड, झरने और एडवेंचर स्पोर्ट्स हैं। मनाली एक बेहद ही खुबसूरत हिल स्टेशन है। शिमला, चंडीगढ़ और दिल्ली से यहां बड़ी ही आसानी से आया जा सकता है। ये टूरिस्टों के लिए पसंदीदा जगह होने के साथ-साथ हनीमून स्पॉट भी है। मनाली में घूमने आने का सबसे शानदार वक्त मार्च से जून तक का है, जहां आपको गर्मी के बीच बेहद ही सुकून का अहसास होगा। मनाली आकर आप मनु टेंपल, जोगनी वाटर फाल्स, वशिष्ट टेंपल, हडिंबा मंदिर, नग्गर कैसल, पिन वैली, ग्रेट हिमालियन नेशनल पार्क सहित कई अन्य मनोरम जगहों पर जा सकते हैं। यहां आप एंडवेंचर स्पोर्ट्स का भी मजा ले सकते हैं। यहां आने केलिए हवाई और ट्रेन मार्ग दोनों की सुविधा है। हवाई मार्ग से आने के लिए आपको कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा पर उतरना होगा, जो मनाली से करीब 52 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं ट्रेन सेआने के लिए आपको जोगिंदर नगर रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा।

चैल (chail)

चैल अपनी खुबसूरती के साथ प्राचीन वैभव के लिए चर्चित रहा है। ये पटियाला रियासत के महाराजा भूपिंदर सिंह की गरमी के वक्त राजधानी रही है। ये पर्यटक स्थल सबसे ऊंचे क्रिकेट स्टेडियम के लिए भी काफी चर्चा में रहा है। ये स्टेडियम 1893 में बनी थी। यहां से आपको हिमालय पर्वत की भव्यता के दर्शन बड़ी ही आसानी से हो सकेंगे। समुद्र तल ये ये मैदान 2445 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां वन्यजीव अभ्यारण्य भी है, जहां तेंदुआ, क्रेस्टेड, रीसस मकाक, हिमालयी भालू, लंगूर, जैसे वन्य जीव बड़ी आसानी से देखने को मिल जायेगें। यहां घूमने का सबसे अच्छा वक्त अप्रैल से अक्टूबर तक का है। यहां भी आप रेल और हवाई जहाज से आ सकते हैं। चैलो से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर जुब्बरहाटी हवाई अड्डा है, जहां से आप चैल आ सकते हैं। वहीं ट्रेन के लिए आपको शिमला स्टेशन पर उतरना होगा।

मेकलोडगंज (Mcleodganj)

ये पूरा क्षेत्र बौद्ध धर्म की वजह से काफी चर्चाओं में रहा है। दुनिया भर में मैकलोडगंज की प्रसिद्धि तिब्बती धर्मगुरू दलाईलामा की वजह से काफी ज्यादा है। पड़ाहियों और हरी भरी वादियों से घिरे मैकलोडगंज में तिब्बतियों की प्रमुख बस्तियों के साथ अंग्रेजों के प्रभाव का असर दिख जायेगा। ये हमेशा से पर्यटकों के लिए गुलजार रहता है। यहां आकर आप नामग्याल मठ, त्सुगलगखांग जा सकते हैं। यहां दलाईलामा भी रहते हैं इसके अलावा पिकनिक स्पाट डल झील और त्रिउंड भी जा सकते हैं। यहां सितंबर से लेकर मार्च तक पर्यटकों के लिए बहुत कुछ उपलब्ध होता है। मैकलोडगंज आने के लिए आपको गग्गल हवाई अड्डा धर्मशाला में उतरना होगा। ये हवाई अड्डा मैकलोडगंज से करीब 30 किलोमीटर दूर है। वहीं रेलवे स्टेशन के लिए कांगड़ा स्टेशन में उतरना होगा।

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