दुबई की लग्जरी नौकरी छोड़ी और बंजर ज़मीन पर कर दिया चमत्कार, जितेंद्र की कहानी देख दंग रह जाएंगे आप

Jitendra left his luxury job in Dubai and performed a miracle on barren land; his story will leave you stunned.

गिरिडीह में बगोदर प्रखंड के अड़वारा पंचायत के अंतर्गत बरवाडीह गांव में डेढ़ एकड़ की बंजर भूमि में हरियाली लाने का प्रयास किया गया है. दुबई से वापस लौटे मजदूर ने मिर्ची की खेती की है. खेतों में मिर्ची के पौधे लहलहाते नजर आ रहे है. साथ ही उन पौधों में मिर्च फलना भी शुरू हो गया है. दुबई से लौटे किसान जितेंद्र कुमार ने आधुनिक तकनीक से डेढ़ एकड़ की बंजर जमीन में करीब 2.5 रुपए की लागत से मिर्ची के 30 हजार पौधे लगाए हैं. जिसमें शिमला मिर्च भी शामिल है. आमजन के दैनिक जीवन में उपयोग में लाई जाने वाली हरी मिर्च और शिमला मिर्च के पौधों में मिर्च आने लगी है और उसकी स्थानीय बाजारों में बिक्री भी होने लगी है.

दुबई नहीं आया रास जितेन्द्र ने कहा

जितेन्द्र कुमार महतो ने कहा कि रोजी-रोटी के लिए कुछ वर्षों पहले दुबई गए थे लेकन मुझे दुबई में रास नहीं आया तो मैं वापस आ गया. घर लौटने के बाद पहले तो स्थानीय स्तर पर ईंट निर्माण का करने लगा और फिर मैं जब हजारीबाग में अपने रिश्तेदार के घर गया तो वहां बड़े पैमाने पर कृषि कार्य को देखकर मुझे भी कृषि कार्य करने का मन किया. मैंने इस इरादे को ठान लिया और फिर पहली बार बंजर भूमि में मिर्ची के पौधे लगा दिए.

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की प्रशंसा

उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्य को लेकर उसके बेटे ने उनका साथ दिया जो बीएससी कर चुका है. बेटे ने आधुनिक तकनीक से कृषि कार्य करने में मेरा पूरा सहयोग किया. जिस जमीन पर मिर्ची की खेती की गई है वो जमीन 40 सालों से बंजर पड़ी हुई थी. स्थानीय युवकों द्वारा उसका उपयोग फुटबॉल मैदान के रूप में किया जाता था. जितेंद्र के प्रयास दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गए हैं. सामाजिक कार्यकर्ता छोटन प्रसाद और हेमंत कुमार ने जितेंद्र कुमार महतो के इस कृषि कार्य का जायजा लेते हुए उनकी प्रशंसा की है.

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