पूर्णिया। कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन की मुश्किलें बढ़ सकती है। पूर्णिया की एमपी एमएलए कोर्ट ने इश्तेहार जारी करने का आदेश दिया है। वहीं उनके जमानतदारों को नोटिस भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने ये कार्रवाई मुकदा से लगातार गैर हाजिर होने के मामले में सुनाया है। इसके पहले पूर्णिया एमपी एमएलए कोर्ट ने उनकी जमानत को रद्द करते हुए गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। लेकिन पुलिस ने वारंट ये कहकर लौटा दिया कि वे घर पर नहीं रहती है।

इसके बाद कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता, सीआरपीसी की धारा 82 के तहत कार्रवाई कर जमानत की राशि जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की। यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश दिव्यप्रकाश की अदालत में चल रहा है जिसमें उनके पति सह पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव एवं संतोष यादव भी शामिल हैं। 

दरअसल पूरा मामला साल 2009 में आचार संहिता उल्लंघन का है। तत्कालीन एसडीओ दत्तात्रेय ठाकरे ने केहाट थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। आरोप था कि कटिहार से पूर्णिया आने के क्रम में सासद पप्पू यादव ने अनुमति से अधिक गाड़ी का इस्तेमाल किया। मामला दर्ज होने के बाद पप्पू यादव, रंजीता रंजन सहित तीन ने कोर्ट में जमानत करा ली थी।

इस मामले में रंजीता रंजन हाजिर नहीं हो रही थी। कोर्ट ने उनके खिलाफ अपैल में गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था, लेकिन वारंट का तामिली नहीं हुई। कोर्ट ने पुलिस से भी जवाब मांगा है।

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