दारोगा भर्ती में भयंकर फर्जीवाड़ा, महिला निकली मास्टरमाइंड, मुन्नाभाई सहित तीन गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
Massive fraud in police sub-inspector recruitment; a woman identified as the mastermind; three arrested, including a man using impersonation tactics; police make a major breakthrough.

Police News : दारोगा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की मास्टरमाइंड एक युवती निकली है। पुलिस ने दारोगा भर्ती फर्जीवाड़े में मुन्नाभाई सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला बिहार का है, जहां दारोगा भर्ती के दौरान गड़बड़ी का प्रकरण सामने आया है।
शेखपुरा में मुन्ना भाई के प्रकरण में तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस पूरे रैकेट की मास्टरमाइंड नालंदा जिले की एक महिला बताई जा रही है, जिसने 8 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
यह मामला शेखपुरा शहर स्थित डीएम प्लस टू उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र का है। परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात वीक्षक (इनविजिलेटर) को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। संदेह के आधार पर वीक्षक ने तत्काल इसकी सूचना टाउन थाना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि युवक असली अभ्यर्थी नहीं है, बल्कि किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहा है।
पकड़े गए युवक की पहचान नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के बेलसर गांव निवासी कुंदन कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और अपना नाम आदित्य कुमार बताया, लेकिन कड़ी पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद उसकी असली पहचान उजागर हो गई। आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों से पुष्टि हुई कि वह फर्जी तरीके से परीक्षा दे रहा था।
पुलिस के मुताबिक आगे की जांच में सामने आया कि कुंदन को परीक्षा दिलाने में दो अन्य लोग भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे थे। पुलिस ने परीक्षा केंद्र के बाहर से 32 वर्षीय एक महिला और राजीव कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया।
महिला आरोपी नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित खंदकपर मोहल्ले की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार, वही इस पूरे रैकेट की मास्टरमाइंड है और पैसों के लेनदेन से लेकर अभ्यर्थियों और ‘मुन्ना भाइयों’ को जोड़ने का काम कर रही थी।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस फर्जीवाड़े के लिए कुल 8 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। महिला आरोपी ने कुंदन कुमार को दूसरे अभ्यर्थी के बदले परीक्षा देने के लिए 30 हजार रुपये देने का वादा किया था।
इसके अलावा आने-जाने और अन्य खर्चों की भी व्यवस्था की गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि कुंदन कुमार पर पहले भी जहानाबाद जिले में इसी तरह परीक्षा देने के मामले में कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस ने महिला आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप चैट के जरिए दर्जनों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह सिर्फ दारोगा भर्ती परीक्षा ही नहीं, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी लंबे समय से फर्जीवाड़ा करता आ रहा था।









