महिला अफसर की मौत: “मैं करना नहीं चाहती थी, हैंडल नहीं कर पाई, मम्मी….” महिला मैनेजर UPSC की भी कर रही थी तैयारी, आफिस में बताया, वो ट्रेन में है…

Crime News : एक हृदयविदारक और रहस्यमयी मामला सामने आया है, जहां कृषि विभाग में कार्यरत एक युवती का शव उसके किराए के कमरे से बरामद हुआ है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका की पहचान सृष्टि कुमारी के रूप में हुई है, जो वैशाली जिले के स्वर्गीय अर्जुन सिंह की पुत्री थीं और वर्ष 2023 से कृषि विभाग में सहायक तकनीकी प्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं। पूरी घटना बिहार के सिवान जिले की है।

जानकारी के अनुसार, सृष्टि कुमारी हसनपुरा प्रखंड के सहुली चट्टी स्थित प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थ थीं। उनका शव नगर थाना क्षेत्र के सिसवन ढाला स्थित लक्ष्मीपुर मोहल्ले में उनके किराए के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। मौके से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लिखा था— “मैं करना नहीं चाहती थी, हैंडल नहीं कर पाई, मम्मी माफ करना।” हालांकि, इस नोट की प्रमाणिकता को लेकर पुलिस ने संदेह जताया है।

पुलिस के मुताबिक शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और बरामद नोट की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की गहन जांच कर रही है।

इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू तब सामने आया, जब सृष्टि की मां मौके पर पहुंचीं। अपनी बेटी का शव देखकर वह बदहवास हो गईं और बार-बार यह जिद करती रहीं कि बेटी को खाटू श्याम मंदिर ले जाया जाए, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि वहां उनकी बेटी फिर से जीवित हो सकती है। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा।

मृतका के भाई आशुतोष कुमार ने बताया कि सृष्टि सोमवार को ‘मौर्या एक्सप्रेस’ से हाजीपुर से सिवान पहुंची थी। रात करीब 9 बजे दोनों के बीच आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई, जिसके बाद से सृष्टि का मोबाइल बंद हो गया। मंगलवार सुबह संपर्क न होने पर उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी। पड़ोसी जब कमरे में पहुंचे, तो दरवाजा अंदर से बंद नहीं था और हल्का धक्का देने पर खुल गया। अंदर सृष्टि का शव फंदे से लटका मिला, लेकिन उसके पैर जमीन को छू रहे थे, जिससे घटना और अधिक संदिग्ध हो गई।

वहीं प्रखंड कृषि पदाधिकारी आदित्य प्रताप पांडेय ने बताया कि सोमवार को सृष्टि कार्यालय नहीं पहुंची थीं। जब सहकर्मियों ने उनसे संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि वह ट्रेन में हैं और सिवान आ रही हैं। इसके कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर सामने आई।परिजनों का कहना है कि सृष्टि यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं और मानसिक रूप से पूरी तरह मजबूत थीं। ऐसे में सुसाइड नोट की भाषा और लिखावट पर भी सवाल उठ रहे हैं, जो उनके अन्य दस्तावेजों से मेल नहीं खा रही है।

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