क्या यूपी बीजेपी अध्यक्ष पर होगी चर्चा? पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों को रात्रिभोज पर बुलाया

पीएम मोदी की यूपी सांसदों से मुलाकात, 2027 चुनाव की तैयारी या संगठन चर्चा?

क्या यूपी बीजेपी अध्यक्ष पर होगी चर्चा? पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों को रात्रिभोज पर बुलाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीतकालीन सत्र के दौरान लगातार एनडीए सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं। 12 दिसंबर 2025 को पीएम मोदी उत्तर प्रदेश के एनडीए सांसदों के साथ संसद भवन में बैठक करेंगे। यह बैठक सुबह 10 बजे आयोजित होगी।

सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब शीतकालीन सत्र के कारण सभी सांसद दिल्ली में मौजूद हैं। इसी अवसर का उपयोग करते हुए प्रधानमंत्री अलग-अलग राज्यों के एनडीए सांसदों से अलग-अलग दिनों में संवाद कर रहे हैं। इससे पहले 10 दिसंबर को उन्होंने बिहार एनडीए सांसदों से मुलाकात की थी।

एनडीए सांसदों के लिए विशेष रात्रिभोज

पीएम मोदी ने 11 दिसंबर को अपने सरकारी आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर एनडीए सांसदों के लिए विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया। इसमें भाजपा और सहयोगी दलों के सांसद शामिल हुए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा:
“7 लोक कल्याण मार्ग में एनडीए सांसदों को रात्रिभोज पर आमंत्रित करना अत्यंत सुखद अनुभव रहा। एनडीए परिवार सुशासन, राष्ट्रीय विकास और क्षेत्रीय आकांक्षाओं के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी सांसद मिलकर देश के विकास के पथ को और मजबूत करेंगे और आने वाले वर्षों में निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी की भागीदारी

9 दिसंबर को पीएम मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत पूरी तरह ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के चरण में प्रवेश कर चुका है। उनका कहना था कि सरकार केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने या राजस्व बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी सरल और सुगम बनाने पर ध्यान दे रही है।

पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि ये सुधार प्रत्येक क्षेत्र और राज्य के विकास को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं, जिससे सभी नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।

सांसदों को जोड़ने और संवाद बढ़ाने की रणनीति

पीएम मोदी की लगातार मुलाकातें, रात्रिभोज और संसदीय बैठकों में भागीदारी यह संदेश देती हैं कि सरकार सांसदों के बीच संवाद और सहयोग को प्राथमिकता दे रही है।

यह कदम नीति निर्माण को प्रभावी बनाने के साथ-साथ साझा दृष्टिकोण और एकजुटता को भी मजबूत करता है। शीतकालीन सत्र के दौरान पीएम मोदी की ये पहल सांसदों को राष्ट्रीय विकास की दिशा में सक्रिय और एकजुट रहने के लिए प्रेरित करती है।

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