रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ED के सामने हाजिर होंगे ? या फिर मोहलत मांगेंगे ? इस पर सस्पेंस बना हुआ है। आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छत्तीसगढ़ भी जाना है, जो पूर्व निर्धारित उनका कार्यक्रम है। छत्तीसगढ़ में चल रहे राज्योत्सव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि है। छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने के आने को लेकर विधिवित सूचना जारी हो गयी है। हालांकि ये कार्यक्रम शाम में 6 बजे रायपुर में होना है, लेकिन हेमंत सोरेन अगर आज ईडी की पूछताछ में शामिल होते हैं, तो जाहिर है वो छत्तीसगढ़ नहीं आ पायेंगे।

खबर तो ये भी आ रही है कि मुख्यमंत्री को ये पहला समन है, इसलिए वो मोहलत ले सकतेहैं। करीब 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान कर रही ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) को समन कर तीन नवंबर को कार्यालय में उपस्थित रहने को कहा है। जानकारी के मुताबिक पूछताछ के लिए दिल्ली से खासतौर पर ईडी के संयुक्त निदेशक कपिल राज बुधवार को रांची पहुंचे। ईडी ने विशेष संदेशवाहक के जरिए मुख्यमंत्री को समन भेजा है। संभावना है कि मुख्यमंत्री ईडी के समन के विरुद्ध कोर्ट जा सकते हैं। विधि विशेषज्ञों की सलाह लेने के बाद वे इस संबंध में निर्णय लेंगे।

जानकारी के अनुसार अगर पहले समन पर मुख्यमंत्री ईडी के दफ्तर में उपस्थित नहीं होंगे तो उन्हें ईडी फिर समन करेगी। तीन समन के बाद भी उपस्थित नहीं होने पर ईडी कानून सम्मत कार्रवाई करेगी। अवैध खनन मामले से जुड़े कुछ और नौकरशाहों की मुश्किलें बढ़ने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इन नौकरशाहों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। खान विभाग के मंत्री रहते हुए हेमंत सोरेन के कार्यकाल में विभाग की सचिव रहते हुए पूजा सिंघल ने अवैध खनन से अकूत धन एकत्रित की थी। गत छह मई को पूजा सिंघल व उनके सहयोगियों के ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी, जिसमें पूजा सिंघल के चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकाने से 17.49 करोड़ रुपये नकदी मिले थे। चार्टर्ड एकाउंटेंट सुमन कुमार ने यह स्वीकार किया था कि बरामद अधिकांश राशि पूजा सिंघल के माध्यम से मिले थे, जिसमें अवैध खनन से मिले रुपये भी शामिल थे।