रायपुर। झारखंड के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ विधानसभा आज जमकर हंगामा हुआ। ये हंगामा शराब के मुद्दे को लेकर हुआ। दरअअसल अभी छत्तीसगढ़ में मानसून सत्र चल रहा है। छत्तीसगढ़ के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में आज अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस जोगी के विधायक धर्मजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ के अधिकारियों को झारखंड में शराब नीति तैयार करने के लिए कंसलटेंट नियुक्त करने का मुद्दा उठाया।

विधायक धर्मजीत सिंह ने पूछा कि क्या आबकारी आयुक्त/ छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन को झारखंड राज्य में आबकारी पालिसी तैयार करने के लिए अधिकृत किया गया है ? आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जगह जवाब देते हुए मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि कैबिनेट के आदेश से फरवरी 2022 को छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड को कंसलटेंसी नियुक्ति किया गया है। इस जवाब पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोंकझोंक शुरू हो गया। विपक्ष ने सवाल उठाया कि छत्तीसगढ़ के अधिकारी क्या इसकी विशेषज्ञता रखते हैं, जो वो दूसरे राज्यों को सलाह दे रहे हैं। सप्लामेंट्री सवाल में विधायक ने पूछा कि क्या ये नियम है कि छत्तीसगढ़ का कोई अधिकारी दूसरे राज्य में कंसल्टेंट बने और दोहरा लाभ कमाये। जवाब में मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन के नियमावली में ऐसा प्रावधान है।

विधायक धर्मजीत सिंह ने पूछा कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने अपने अधिकारी को कंसलटेंट नियुक्ति झारखंड की शराब नीति बनाने के लिए किया है, इससे राज्य सरकार को कितना शुल्क मिलेगा। उन्होंने ये सदन में ये भी प्रश्न उठाया कि कंसलटेट बनने केलिए छत्त्तीसगढ़ ने खुद ही पहल की थी, या फिर झारखंड की तरफ से प्रस्ताव आया था। धर्मजीत सिंह ने कहा कि राज्यों के बीच सूचनाऔ और सुझावों का आदान प्रदान होता रहता है, लेकिन पहली बार सुन रहा हू कि कोई राज्य दूसरे राज्य में अपने अधिकारी को कंसल्टेट नियुक्त कर रहा है।

जवाब में मंत्री ने कहा कि झारखंड से आये अध्ययन दल ने प्रस्ताव दिया था, जिसके बाद ही कंसलटेंट की नियुक्ति हुई है। मंत्री ने बताया कि कैबिनेट की 4 फरवरी को हुई बैठक में एक कमेटी को झारखंड में शराब नीति के मुद्दे पर सुझाव के लिए गठित किया गया था। 4 फरवरी की कमेटी में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन के जीएम आरएस ठाकुर की अध्यक्षता में एक 5 सदस्यीय कमेटी बनायी गयी थी। मंत्री ने ये भी बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन को कंसलटेंसी फीस का भुगतान 2022-23 के बाद होगा।

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