नीतीश के बाद बिहार की गद्दी किसे? CM कुर्सी के लिए 5 बड़े चेहरे मैदान में, जातीय समीकरण से तय होगा अगला मुख्यमंत्री!
राज्यसभा जाने के ऐलान के बाद सियासी हलचल तेज, भाजपा के कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में

बिहार की राजनीति इस समय एक बड़े मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने खुद संकेत दे दिया है कि वह राज्यसभा जाना चाहते हैं। उनके इस ऐलान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि जल्द ही वे मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि Bihar का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सियासी गलियारों में कई नामों की चर्चा तेज हो गई है और माना जा रहा है कि इन पांच नेताओं में से ही किसी एक को राज्य की कमान सौंपी जा सकती है।
भाजपा का मुख्यमंत्री बनने की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर नीतीश कुमार राज्यसभा चले जाते हैं, तो Bharatiya Janata Party का मुख्यमंत्री बनने की संभावना सबसे ज्यादा बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था, जबकि Janata Dal (United) को 85 सीटें मिली थीं। इसी वजह से अब मुख्यमंत्री पद पर भाजपा के दावे को मजबूत माना जा रहा है।
1️⃣ सम्राट चौधरी – सबसे मजबूत दावेदार
सीएम पद के सबसे मजबूत दावेदारों में Samrat Choudhary का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। वे फिलहाल बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और कई महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं।
सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोयरी) OBC समुदाय से आते हैं और पार्टी में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
2️⃣ नित्यानंद राय – संगठन और सरकार का अनुभव
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Nityanand Rai का नाम भी इस दौड़ में शामिल है। वे पहले बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और उजियारपुर से सांसद हैं।
नित्यानंद राय यादव समुदाय से आते हैं और उन्हें भाजपा के मजबूत ओबीसी नेताओं में गिना जाता है।
3️⃣ दिलीप जायसवाल – संगठन में मजबूत पकड़
बिहार सरकार में मंत्री Dilip Jaiswal भी संभावित उम्मीदवारों में बताए जा रहे हैं। वे पहले राजस्व और भूमि सुधार मंत्री रह चुके हैं और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
दिलीप जायसवाल जायसवाल (कलवार) समुदाय से आते हैं।
4️⃣ संजीव चौरसिया – EBC समीकरण का चेहरा
दीघा से विधायक Sanjiv Chaurasia का नाम भी सीएम पद की चर्चा में सामने आया है। वे पनवारी जाति यानी EBC वर्ग से आते हैं और भाजपा के प्रदेश महामंत्री भी हैं।
उनकी संगठन में मजबूत पकड़ और सामाजिक समीकरणों की वजह से उन्हें भी संभावित चेहरा माना जा रहा है।
5️⃣ जनकराम – दलित कार्ड
भाजपा अगर दलित चेहरे पर दांव लगाती है तो Janak Ram का नाम भी आगे आ सकता है। वे बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं और पहले गोपालगंज से सांसद रह चुके हैं।
निशांत कुमार की एंट्री की भी चर्चा
इधर यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar जल्द सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।
सस्पेंस बरकरार
कुल मिलाकर बिहार की राजनीति में अगले कुछ दिनों में बड़ा फैसला होने वाला है। अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली होगी और नया नेतृत्व सामने आएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या बिहार को नया भाजपा मुख्यमंत्री मिलेगा, या फिर राजनीतिक समीकरण आखिरी वक्त में कोई बड़ा उलटफेर कर देंगे?









