कौन बनेगा झारखंड पुलिस का नया बॉस? 31 दिसंबर को हटेगा सस्पेंस, इन 3 सीनियर IPS अफसरों में कड़ी टक्कर
Who will become the new Jharkhand Police chief? The suspense will be lifted on December 31st, with these three senior IPS officers locked in a fierce competition.

31 दिसंबर तक झारखंड को नया DGP मिलने की संभावना है. हेमंत सरकार, डीजीपी नियुक्ति नियमावली के आधार पर ही नए पुलिस महानिदेशक का चयन करेगी. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनिल पालटा, प्रशांत सिंह और एमएस भाटिया के पैनल से किसी को प्रदेश का नया डीजीपी नियुक्त किया जाएगा. गौरतलब है कि प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्रा 31 दिसंबर को रिटायर हो रही हैं.
इस समय झारखंड में रांची, हजारीबाग, बोकारो और पलामू रेंड के डीआईजी का पद खाली है. 2012 बैच के आईपीएस अधिकारियों का प्रमोशन डीआईजी रैंक में होना है. संभावना है कि प्रोन्नति के साथ ही उनकी पोस्टिंग भी होगी.
उम्मीद है कि 31 दिसंबर को ही इसकी अधिसूचना भी जारी होगी. गौरतलब है कि इसी दौरान 2008 बैच के आईपीएस अधिकारियों का आईजी रैंक में प्रोन्नति की अधिसूचना भी जारी होगी.
यूपीएससी करती थी डीजीपी की नियुक्ति
गौरतलब है कि पहले झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के पैनल द्वारा किया जाता था. इसके लिए राज्य सरकार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का नाम अनुशंसित करती थी और यूपीएससी इन्हीं से किसी को डीजीपी नियुक्त करता था. लेकिन अब राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने अपने यहां डीजीपी नियुक्ति नियमावली बनाई है और इसी आधार पर पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति होती है.
इस नियमावली के तहत डीजीपी नियुक्त होने वाले पहले अधिकारी अनुराग गुप्ता बने. इसी नियमावली के आधार पर तदाशा मिश्रा को प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया गया. अब अनिल पालटा, प्रशांत सिंह और एमएम भाटिया में से किसी को डीजीपी नियुक्त किया जायेगा.
डीजीपी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति विवादों में रही
डीजीपी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पर काफी बवाल हो चुका है. बीजेपी ने आरोप लगाया कि, झारखंड मुक्ति मोर्चा नीत महागठबंधन सरकार संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन और संघीय ढांचे का अपमान कर रही है. यूपीएससी से डीजीपी नियुक्ति का अधिकार छीनना इसकी बानगी है.
हालांकि, हेमंत सरकार ने इसे नियमों के अनुकूल बताया था. इधर, कार्यकाल पूरा होने से पहले ही डीजीपी अनुराग गुप्ता ने इस्तीफा दिया. हेमंत सरकार ने अनुराग गुप्ता को सेवानिवृत्ति के बाद सेवा विस्तार देते हुए डीजीपी नियुक्त किया था.









