झारखंड भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष कौन? 48 घंटे बाद मिल जायेगा जवाब, भाजपा ने संगठन ने चुनाव की पूरी प्रक्रिया का किया ऐलान, जानिये डिटेल
Who will be the Jharkhand BJP state president? The answer will be revealed in 48 hours. The BJP organization has announced the complete election process. Know the details.

रांची। भारतीय जनता पार्टी का कौन प्रदेश अध्यक्ष होगा? 48 घंटे बाद इसका ऐलान हो जायेगा। झारखंड भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक चुनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

नामांकन, स्क्रूटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 14 जनवरी को नए प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर पार्टी के भीतर चर्चाएं तेज हो गई हैं और राजनीतिक गलियारों में संभावित दावेदारों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। झारखंड बीजेपी के संगठनात्मक चुनाव प्रभारी डॉ. प्रदीप वर्मा ने चुनाव प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है।
इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव निभा रहे हैं, जो सोमवार देर शाम रांची पहुंचेंगे। उनके रांची आगमन के साथ ही चुनाव प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की औपचारिकताएं तेज हो जाएंगी।
नामांकन प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम तय
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया कल दोपहर 12 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इस दौरान इच्छुक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके तुरंत बाद दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी, जिसमें सभी नामांकन पत्रों की वैधता की जांच की जाएगी।
स्क्रूटनी के बाद दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन पत्र वापस लेने का समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उम्मीदवार अपने नामांकन वापस ले सकते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस चरण के बाद यह लगभग स्पष्ट हो जाएगा कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला एकतरफा रहेगा या बहुकोणीय।
14 जनवरी को होगी आधिकारिक घोषणा
नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 14 जनवरी को दोपहर 2 बजे प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के नामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि यदि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन आता है, तो निर्विरोध चयन की घोषणा की जा सकती है।हालांकि, यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो ऐसी स्थिति में मतदान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पार्टी के संविधान और आंतरिक नियमों के अनुसार लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव संपन्न कराया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बढ़ी सियासी सरगर्मी
प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी के भीतर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विभिन्न गुटों और नेताओं के समर्थक अपने-अपने पसंदीदा उम्मीदवार के समर्थन में सक्रिय नजर आ रहे हैं। कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ऐसे नेता को कमान सौंपना चाहता है, जो संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी रणनीति में भी अहम भूमिका निभा सके।
संगठनात्मक मजबूती पर फोकस
बीजेपी नेतृत्व इस संगठनात्मक चुनाव को बेहद अहम मान रहा है। पार्टी का लक्ष्य है कि नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को और मजबूत किया जाए। कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना, आंतरिक समन्वय बढ़ाना और विपक्ष के खिलाफ मजबूत रणनीति तैयार करना नए नेतृत्व की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।


















