झारखंड: …जब मंत्री ने अफसर को चैंबर जाने को कहा…अनसुना करने पर मंत्री बोले, किस बैच के अफसर हैं? ….निगम दफ्तर में हुआ अजीबोगरीब वाकया…

Jharkhand: ...When the minister asked the officer to go to the chamber...on being ignored, the minister said, which batch of officers are you? ....A strange incident happened in the corporation office...

पलामू। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर के पलामू दौरे के दौरान अजीबों गरीब स्थिति बन गयी। नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान सहायक नगर आयुक्त के व्यवहार पर मंत्री ने तीखी नाराजगी जतायी। दरअसल हुआ यूं कि जब वित्त मंत्री निगम कर्मियों की समस्याएं सुन रहे थे, तभी सहायक नगर आयुक्त अचानक उनके चैंबर में पहुंचे और बिना अनुमति लिए आकर बैठ गए।

 

मंत्री ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने वहां से हटने से इनकार कर दिया और चुपचाप अपनी जगह पर बैठे रहे। मामला उस समय का है जब नगर निगम के कर्मचारी अपने चार महीने से रुके वेतन और मानदेय को लेकर आंदोलनरत थे। मेदिनीनगर नगर निगम में लंबे समय से नियमित नगर आयुक्त की तैनाती नहीं हुई है।

 

पद रिक्त होने की वजह से वेतन और मानदेय के भुगतान की प्रक्रिया अटक गई है। नाराज कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया, जिससे नगर निगम की दैनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। जानकारी मिलने के बाद वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर स्वयं नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की और समस्या की जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया।

 

इसी दौरान सहायक नगर आयुक्त अचानक बैठक कक्ष में आ गए। मंत्री ने उनसे पूछा कि वे अभी क्यों आए हैं, जिस पर सहायक नगर आयुक्त ने जवाब दिया कि वे अभी-अभी कार्यालय पहुंचे हैं।वित्त मंत्री ने उन्हें बाहर जाने का निर्देश देते हुए कहा कि मंत्री परिषद के सदस्यों के साथ शिष्टाचार और प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है।

 

उन्होंने यहां तक पूछ लिया कि सहायक नगर आयुक्त किस बैच के अधिकारी हैं और क्या प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह नहीं बताया गया कि राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ व्यवहार कैसा होना चाहिए।

 

हालांकि, इस तीखी नोकझोंक के बीच मंत्री ने नगर निगम के कर्मचारियों की मुख्य समस्या पर भी चर्चा की। उन्होंने सहायक नगर आयुक्त से सीधे पूछा कि आखिर क्यों अब तक वेतन भुगतान नहीं हो पाया। इस पर अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नगर आयुक्त के अभाव में वित्तीय अधिकार बाधित हैं।

 

मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तत्काल बात की है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मंगलवार तक डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) को प्रभार सौंप दिया जाएगा। इसके बाद कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन जारी हो सकेगा।

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