CM हेमंत सोरेन का क्या होगा? 7 फरवरी को होगी सुनवाई, जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मनी लांड्रिंग केस के डिस्चार्ज पिटीशन पर होगी बहस
What will happen to CM Hemant Soren? The hearing will be held on February 7th, where the discharge petition in the money laundering case related to land fraud will be debated.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़ी बहुचर्चित 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन पर 7 फरवरी को सुनवाई होगी। ये सुनवाई PMLA की विशेष अदालत में होगी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में अपना जवाब पहले ही दाखिल कर चुका है।
रांची। 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक अहम मोड़ आने वाला है। हेमंत सोरेन द्वारा दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन पर 7 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष PMLA कोर्ट में सुनवाई निर्धारित की गई है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने बीते 6 दिसंबर को अदालत में याचिका दाखिल कर खुद को निर्दोष बताते हुए इस मामले से आरोप मुक्त किए जाने की मांग की थी।
ईडी इस डिस्चार्ज पिटीशन पर अपना जवाब पहले ही दाखिल कर चुकी है, जिसके बाद अब अदालत में दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। पूरा मामला राजधानी रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है, जिसे लेकर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े और अवैध लेन-देन के आरोप सामने आए थे। ईडी का दावा है कि इस जमीन की खरीद-बिक्री और दस्तावेजों में हेराफेरी के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
मामले की जांच के दौरान ईडी ने कई बार बड़ी कार्रवाई की। जमीन कारोबारियों समेत कई संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए। जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए कुल 10 बार समन भेजा था। इनमें से दो बार ईडी ने उनसे लंबी पूछताछ की थी।
इस मामले में 31 जनवरी 2024 को पूछताछ के बाद ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरफ्तारी ने झारखंड की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया था।
गिरफ्तारी के बाद हेमंत सोरेन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया और करीब पांच महीने बाद उन्हें अदालत से जमानत मिली। जमानत मिलने के बाद वे दोबारा सक्रिय राजनीति में लौटे, लेकिन मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है।
इस पूरे मामले में केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े नाम भी आरोपी बनाए गए हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता अंतू तिर्की समेत कई जमीन कारोबारियों को ईडी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच के दौरान ईडी ने 30 मार्च 2024 को इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी।
इस चार्जशीट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बड़गाईं अंचल के निलंबित उप राजस्वकर्मी भानु प्रताप प्रसाद, आर्किटेक्ट विनोद सिंह, रैयत राजकुमार पाहन और जमीन कारोबारी हिलेरियस कच्छप को आरोपी बनाया गया था।
7 जून 2024 को ईडी ने इस मामले दूसरी चार्जशीट दाखिल की, जिसमें JMM नेता अंतू तिर्की समेत कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया। ईडी का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए सरकारी जमीन को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया और अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की गई।अब 7 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।








