157 से 29 रुपये! क्या डूब रही है EV की ‘पोस्टर बॉय’ कंपनी? Ola Electric में 80% की गिरावट से मचा हड़कंप
रिकॉर्ड हाई से ऑल टाइम लो तक… निवेशकों के 10 में से 8 रुपये साफ!

नई दिल्ली। कभी इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर की सबसे चर्चित कंपनी मानी जाने वाली Ola Electric के शेयरों में ऐसी गिरावट आई है कि निवेशकों की सांसें अटक गई हैं। 157 रुपये के ऑल टाइम हाई से गिरकर शेयर करीब 29 रुपये तक पहुंच चुका है—यानी लगभग 80% की बड़ी टूट!
सोमवार को स्टॉक ने 28.71 रुपये का नया ऑल टाइम लो छू लिया। भारी वॉल्यूम के साथ आई बिकवाली इस बात का संकेत दे रही है कि बाजार में सेंटिमेंट बेहद कमजोर हो चुका है।
आखिर क्यों टूट रहा है Ola Electric का शेयर?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक गिरावट के पीछे कई बड़ी वजहें हैं:
EV सेक्टर में बढ़ती टक्कर
पुरानी और स्थापित ऑटो कंपनियां जैसे
TVS Motor Company
Bajaj Auto
Hero MotoCorp
अब आक्रामक तरीके से अपने इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च कर रही हैं। इससे मार्केट शेयर को लेकर Ola पर दबाव बढ़ा है।
सब्सिडी और नीतियों को लेकर अनिश्चितता
सरकार की FAME जैसी प्रोत्साहन योजनाओं में बदलाव या देरी की खबरों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। EV सेक्टर में सब्सिडी बड़ा फैक्टर होती है—और इसमें अनिश्चितता का सीधा असर शेयर पर पड़ता है।
मुनाफे और कैश बर्न की चिंता
हालिया तिमाही नतीजों में खर्च बढ़ने और मुनाफे में कमी के संकेत मिले हैं। लॉन्ग टर्म निवेशक भी फिलहाल वेट-एंड-वॉच मोड में दिख रहे हैं।
टेक्निकल चार्ट क्या कह रहा है?
मौजूदा भाव: ₹28.80 के आसपास
इमीडिएट सपोर्ट: ₹28.80
अगला सपोर्ट: ₹27.50
रेज़िस्टेंस: ₹30.00
मजबूत रेज़िस्टेंस: ₹31.20
चार्ट पर लगातार लोअर-हाई और लोअर-लो बन रहे हैं—जो साफ डाउनट्रेंड का संकेत है। जब तक ₹30-31 के ऊपर मजबूत क्लोजिंग नहीं मिलती, तब तक रिवर्सल के संकेत कमजोर माने जा रहे हैं।
अगर ₹28.80 का स्तर टूटता है, तो शेयर 26-27 रुपये तक फिसल सकता है।
निवेशक क्या करें?
Ola Electric इस समय तकनीकी और फंडामेंटल—दोनों मोर्चों पर दबाव में है। EV सेक्टर की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी अभी भी बरकरार मानी जाती है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है।
विशेषज्ञों की राय है कि जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय स्पष्ट रिवर्सल संकेत का इंतजार करना ज्यादा समझदारी हो सकता है।
बड़ा सवाल
क्या यह सिर्फ अस्थायी गिरावट है…
या फिर EV सेक्टर की इस बड़ी कंपनी के लिए आगे की राह और भी कठिन होने वाली है?
निवेशकों की नजर अब अगले तिमाही नतीजों और बाजार के मूड पर टिकी है।






