एक जनवरी को क्या होने वाला है? सैकड़ों नक्सली देंगे हथियार… अनंत के पर्चे से दहशत…
नक्सली प्रवक्ता ने पहली बार जारी की खुली फ्रीक्वेंसी, तीन राज्यों की सरकारों से मांगा ऑपरेशन रोकने का समय

जगदलपुर, 28 नवंबर। नक्सल मोर्चे पर एक हैरान करने वाला और रोमांच बढ़ा देने वाला विकास सामने आया है। मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ (एमएमसी) स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता अनंत ने नया पर्चा जारी करते हुए दावा किया है कि एक जनवरी को उनके सैकड़ों साथी सरकार के सामने आत्मसमर्पण करने वाले हैं।
इस घोषणा ने सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मचा दी है, क्योंकि नक्सलियों ने पहली बार अपनी एक खुली फ्रीक्वेंसी—435.715 आम जनता के सामने जारी की है। अनंत के मुताबिक, इस फ्रीक्वेंसी पर हर दिन सुबह 11 बजे साथियों से बातचीत की जाएगी।
तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से ऑपरेशन रोकने की अपील
अनंत ने अपने पर्चे में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से कुछ दिनों के लिए नक्सल ऑपरेशन रोकने की अपील की है। उनका कहना है कि संगठन के अंदर बातचीत चल रही है और वे चाहते हैं कि तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री या गृहमंत्री के सामने ही आत्मसमर्पण किया जाए।
यह पर्चा पिछले हफ्ते जारी किए गए पर्चे का अपडेटेड संस्करण है। पहले 15 फरवरी तक आत्मसमर्पण की बात कही गई थी, लेकिन अब नई तारीख—1 जनवरी तय की गई है।
पहली बार “बाऊफेंग” की खुली फ्रीक्वेंसी जारी
नक्सली प्रवक्ता के अनुसार, बातचीत के लिए उन्होंने एक ‘बाऊफेंग’ रेडियो की सार्वजनिक फ्रीक्वेंसी जारी की है।
बाऊफेंग एक ऐसा वायरलेस रेडियो है जो बिना नेटवर्क के पहाड़, जंगल और लंबी दूरी में संपर्क कायम कर सकता है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह गंभीर चुनौती बन सकती है, क्योंकि कई फ्रीक्वेंसी प्रतिबंधित या सरकारी उपयोग की होती हैं।
कार्यवाहियों को रोकने की अपील—“किसी भी गलती से प्रक्रिया बिगड़ सकती है”
अनंत ने अपने साथियों से कहा है कि वे एक जनवरी तक किसी भी गतिविधि से दूर रहें और जोश में ऐसी गलती न करें जो आत्मसमर्पण प्रक्रिया को प्रभावित करे। उन्होंने साफ लिखा है कि इस बार पीएलजीए सप्ताह भी नहीं मनाया जाएगा, और सरकार से अपील की है कि इस अवधि में सुरक्षा अभियान रोक दिए जाएं।
छत्तीसगढ़ के आईजी का बयान
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि भले ही यह इलाका उनके रेंज से बाहर है, लेकिन राज्य सरकार लगातार माओवादी कैडर से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में आने की अपील कर रही है।
आईजी ने कहा,
“जिस तरह कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं, हम उम्मीद करते हैं कि अन्य कैडर भी बिना देरी के इस पहल का हिस्सा बनेंगे।”
पुराने पर्चे और ऑडियो भी आए थे सामने
22 नवंबर को भी अनंत ने एक प्रेस नोट जारी किया था जिसमें उन्होंने तीनों राज्यों से 15 फरवरी तक संघर्ष रोकने का समय मांगा था। उसी दौरान 8 मिनट का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें अनंत ने कहा था कि संगठन के अंदर सामूहिक रूप से निर्णय लेने में समय लगता है और वे सरकार की पुनर्वास योजना के लिए तैयार हैं।









