बजट में क्या सस्ता-क्या महंगा : कपड़े, जूते, दवाई सहित ये सामान हो जायेंगे सस्ते, जानिये क्या-क्या हो गया महंगा, यहां देखिये पूरी लिस्ट…

What will become cheaper and what will become costlier in the budget: These items including clothes, shoes, medicines will become cheaper, know what will become costlier, see the complete list here...

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट में कस्टम ड्यूटी में बड़े बदलाव करते हुए कई रोजमर्रा और औद्योगिक वस्तुओं को सस्ता किया है, जबकि कुछ सेक्टर्स में महंगाई बढ़ने के संकेत हैं। बजट का फोकस स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और समावेशी विकास पर साफ दिखाई देता है।
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Budget Big Abbouncement : आज का बजट कई मायनों में खास रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। बतौर वित्त मंत्री के रूप में लगातार नौवां बजट है, जिसके जरिए उन्होंने मोदी सरकार के आर्थिक रोडमैप को आगे बढ़ाया।

अपने बजट भाषण में उन्होंने कस्टम ड्यूटी में कई अहम बदलावों की घोषणा की, जिसका सीधा असर आम जनता, उद्योग और कारोबार पर पड़ेगा। कस्टम ड्यूटी घटने का मतलब है कि कई वस्तुएं आने वाले समय में सस्ती होंगी, जबकि कुछ सेक्टर्स में ड्यूटी बढ़ने से महंगाई बढ़ने की आशंका है।

जानिये कौन-कौन सी सी
जिन वस्तुओं पर बजट में कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, उनमें कपड़े और टेक्सटाइल सेक्टर प्रमुख है। वित्त मंत्री ने कहा कि लेदर और टेक्सटाइल से जुड़े उत्पादों का एक्सपोर्ट अब ड्यूटी फ्री होगा, जिससे इस सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा लेदर आइटम, सिंथेटिक फुटवियर और चमड़े से बने उत्पाद सस्ते होंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए कैंसर और डायबिटीज सहित 17 जीवनरक्षक दवाओं को ड्यूटी फ्री कर दिया गया है, जिससे मरीजों पर इलाज का खर्च कम होगा।

वहीं ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी राहत दी गई है। लिथियम आयन सेल, मोबाइल बैटरियां, सोलर ग्लास, मिक्स्ड गैस सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से जुड़े उत्पाद सस्ते होने की उम्मीद है। इससे ग्रीन एनर्जी और ई-मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

घरेलू उपयोग के सामानों में माइक्रोवेव ओवन पर भी कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है। एविएशन सेक्टर के लिए विमानों के ईंधन पर ड्यूटी घटने से हवाई यात्रा की लागत कम हो सकती है। इसके अलावा विदेश यात्रा भी सस्ती होने की संभावना है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल से जुड़े टैक्स और शुल्क में कटौती की गई है।

इन सेक्टर्स में बढ़ सकती है महंगाई
जहां एक ओर कई वस्तुएं सस्ती होंगी, वहीं कुछ क्षेत्रों में कस्टम ड्यूटी बढ़ने से कीमतें बढ़ सकती हैं। शराब, स्क्रैप और खनिज जैसे सेक्टर्स में ड्यूटी बढ़ाई गई है। इसका असर इनसे जुड़े उद्योगों और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और अनावश्यक आयात पर अंकुश लगेगा।

सामाजिक, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
बजट 2026 में सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए उत्तर भारत में NIMHANS 2.0 की स्थापना की जाएगी। किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल लॉन्च किया जाएगा, जिससे उन्हें खेती से जुड़े फैसलों में तकनीकी मदद मिल सके।

आयुष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे और पांच मेडिकल टूरिज्म हब्स स्थापित करने में राज्यों को सहयोग दिया जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर एमएसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाया गया है। इसके साथ ही देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। बायोफार्मा क्षेत्र में ‘शक्ति’ योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

टैक्स, टेक्नोलॉजी और आम लोगों को राहत
सरकार ने डेटा और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भारत में काम करने वाली क्लाउड कंपनियों को वर्ष 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने का ऐलान किया है। छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया के जरिए लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट की सुविधा दी जाएगी।

मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज पर अब न तो आयकर लगेगा और न ही टीडीएस काटा जाएगा, जिससे पीड़ितों को राहत मिलेगी।

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