Wedding ceremonies: बस 4 दिन और बजेगी शहनाई… फिर 36 दिन तक थम जाएंगी शादियां! खरमास लगते ही लगेगा ब्रेक, जानें कब हैं सबसे शुभ मुहूर्त

15 मार्च से शुरू होगा खरमास, 20 अप्रैल तक नहीं होंगे विवाह; अप्रैल-मई में भी गिने-चुने मुहूर्त, जुलाई के बाद सीधे नवंबर में लौटेगी शादी की रौनक

Wedding ceremonies:देशभर में फरवरी से शुरू हुआ शादी-ब्याह का सीजन अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अब सिर्फ चार दिनों तक ही विवाह समारोहों की धूम रहेगी, क्योंकि 14 मार्च के बाद शादियों पर अस्थायी विराम लगने वाला है।

दरअसल 15 मार्च की भोर 3:36 बजे सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास शुरू हो जाएगा। सनातन परंपरा में खरमास के दौरान विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है। इस कारण 20 अप्रैल तक देशभर में शादी-विवाह के आयोजन नहीं होंगे। इसके बाद 20 अप्रैल से एक बार फिर वैवाहिक मुहूर्त शुरू होंगे और मंडप सजने लगेंगे।

Wedding ceremonies:सूर्य के राशि परिवर्तन से शुरू होगा खरमास

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर विनय कुमार पांडेय के अनुसार सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास प्रारंभ हो जाता है। 15 मार्च से शुरू होने वाला यह काल करीब 36 दिनों तक चलेगा। इस दौरान विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है।

उन्होंने बताया कि सूर्य लगभग एक महीने बाद 14 अप्रैल को सुबह 11:45 बजे मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस अवसर पर मेष संक्रांति, सतुआ संक्रांति और वैशाखी जैसे पर्व मनाए जाएंगे। हालांकि इसके बावजूद विवाह के शुभ मुहूर्त 20 अप्रैल से ही उपलब्ध होंगे।

Wedding ceremonies:अप्रैल में सिर्फ दो दिन बेहद शुभ

ज्योतिषीय गणना के अनुसार अप्रैल में विवाह के लिए बहुत ज्यादा शुभ तिथियां नहीं हैं। पूरे महीने में केवल 20 और 21 अप्रैल को ही अत्यंत शुभ माना गया है।

इसके अलावा 25, 26, 27, 28 और 30 अप्रैल को भी कुछ मुहूर्त बन रहे हैं, लेकिन ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति के कारण इनमें कई प्रकार के वेध और दोष बन रहे हैं। इसलिए इन्हें पूरी तरह शुभ नहीं माना जा रहा है।

Wedding ceremonies:मई में भी सीमित अवसर

मई महीने में भी विवाह के लिए बहुत कम शुभ तिथियां हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 5, 6, 7 और 8 मई को विवाह के लिए अच्छे मुहूर्त मिलेंगे।

हालांकि इसके बाद कई तिथियों में ग्रहों की स्थिति के कारण दोष बन रहे हैं, जैसे 12 और 13 मई को शनि की युति तथा अन्य योग विवाह के लिए अनुकूल नहीं माने गए हैं। वहीं 15 और 16 मई को मासांत दोष के कारण विवाह योग्य मुहूर्त नहीं हैं।

अधिमास के कारण फिर लगेगा ब्रेक

17 मई से अधिमास (मलमास) शुरू हो जाएगा। इस अवधि में भी मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता। अधिमास 15 जून तक चलेगा, इसलिए इस दौरान भी शादी-विवाह के आयोजन नहीं होंगे।

जून-जुलाई में कुछ ही अवसर

अधिमास समाप्त होने के बाद जून में 19, 20, 21, 27, 28 और 29 जून को विवाह के शुभ मुहूर्त मिलेंगे। इसके अलावा जुलाई की शुरुआत में 1, 6, 7 और 8 जुलाई को भी शादी के लिए अनुकूल तिथियां बताई गई हैं।

लेकिन इसके बाद ग्रहों की स्थिति फिर बदलने लगेगी। 12 जुलाई से शुक्र का वार्धक्य शुरू होगा और 15 जुलाई को शुक्र अस्त हो जाएंगे, जिससे मांगलिक कार्यों पर फिर से रोक लग जाएगी।

Wedding ceremonies:नवंबर में फिर लौटेगी शादियों की रौनक

25 जुलाई को हरिशयन एकादशी के साथ चातुर्मास शुरू हो जाएगा। चातुर्मास के दौरान भी विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।

इस तरह ज्योतिषीय गणना के अनुसार जुलाई के बाद शादियों पर लंबा विराम लग जाएगा और अगला बड़ा विवाह सीजन नवंबर महीने में शुरू होगा, जब एक बार फिर देशभर में शहनाइयों की गूंज और शादी समारोहों की रौनक देखने को मिलेगी।

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