दुमका। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है। हेमंत सोरेन ने सर्वजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्मचारियों को आश्वस्त किया, कि पुरानी पेंशन जल्द प्रदेश में लागू होगी, उसकी नियमावली बनकर तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री हजारों लोगों की मौजूदगी वाली सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो, उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिले, उसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र को भी आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों का करोड़ों रूपये लेकर केंद्र सरकार ने उसे बाजार में लगा दिया। बाजार में रूपया लगातार गिर रहा है, ऐसे में कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में है।

“आज पूरे देश के कर्मचारियों का पैसा लेकर आपने बाजार में लगा दिया। और बाजार की जो स्थिति है, औंधे मुंह रूपया गिर पड़ा है। रूपया कब खड़ा होगा इसका कोई गारंटी नहीं… और जब खड़ा होगा तो रूपया का क्या वैल्यू होगा, इसका अंदाजा आप लगा लीजिये। आज इसलिए सरकार ने उन कर्मचारियों के लिए पुराना पेंशन लागू करने का निर्णय लिया। उस पर नियमावली बनकर तैयार होगा”

मुख्यमंत्री ने कर्मचारी हित की बात करते हुए कहा कि प्रदेश में हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान हो, इसकी कोशिश सरकार कर रही है। उन्होंने कर्मचारियों के हित का सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कर्मचारी अपने भविष्य की चिंता में ही डूबा रहेगा, तो फिर अपना वर्तमान में काम कैसे कर पायेगा। कर्मचारियों को राज्य सरकार चिंता मुक्त करने की कोशिश कर रही है।

आज हमारे यहां कुछ पेंशन वाले भाई आये थे। इनके चेहरे पर जो मुस्कान थी, वो आने वाले दिनों पूरे प्रदेश के सवा तीन करोड़ जनता के चेहरे पर देखने को मिलेगा। आखिर आप काम कैसे करेंगे। दिन रात काम करने के बाद आपके मन में अगर यही चिंता रहेगी कि हमारा भविष्य कैसा रहेगा। तो, आप नौकरी कीजियेगा या फिर भविष्य के बारे में चिंता करियेगा। दिन भर आप सोचियेगा की आप रिटायर कर जायेंगे, हमारे बाल बच्चे भूखे मर जायेंगे। क्या काम करेगा हमारा कर्मचारी? जब हम उसे सामाजिक सुरक्षा नहीं दे पायेंगे”

आपको बता दें कि प्रदेश में कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए पिछली कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने शर्तों के साथ पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का फैसला लिया था। इसे लेकर राज्य सरकार ने एक हाईलेवल कमेटी बनायी है, जो पेंशन को लेकर तकनीकी और बुनियादी पहलू को ध्यान में रखकर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

वहीं राज्य सरकार ने इस बात का भी निर्णय लिया है कि वैसे कर्मचारी, जिनका चयन 2004 के पहले हुआ है, लेकिन उनकी नियुक्ति 2004 के बाद हुई है, उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जायेगा। हालांकि इनकी संख्या बहुत ही कम है।

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