धनबाद स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन के सामूहिक बैठक में जैसा कि पूर्व से ही आशंका जताई जा रही थी कि बैठक जोरदार हो सकती है और कई कड़े प्रस्ताव भी पारित किए जा सकते है।

Hpbl के प्राप्त जानकारी के अनुसार 2211 शीर्ष में कार्य कर रहे कर्मचारियों के वेतन और 2210 में स्थानांतरण का मुद्दा, NRHM के कर्मियो के 10-15प ℅ बोनस को मूल मानदेय में जोड़ने का मुद्दा,EPF/GPF/CPF की कटौती की जाने वाली राशि को यथाशीघ्र कर्मचारियों के खाते में जमा करने का मुद्दा, कोरोना काल में जान गंवाने वाले कर्मियो के बीमा राशि भुगतान का मुद्दा,सभी अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा,DMFT अंतर्गत कार्य कर रहे कर्मियो के हर माह मानदेय भुगतान और मानदेय बढ़ोतरी जैसे मुद्दे को काफी प्रमुखता से उठाया गया। जिसका सभी ने समर्थन करते हुए आवाज बुलंद करने का समर्थन किया,जिससे आशंका है की जल्द ही कर्मचारियों की हुई बैठक से कर्मचारियों के हित में नई दिशा और आने वाले दिनों में आंदोलन की आगाज हो सकती है।


झरिया के शंकर सिंह बेदी ने सभी कर्मियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया और सलाह दी की अनुशासित और सैंविधानिक तरीके से है अपनी मांगों को जल्द पूरा कराएंगे। चिकित्सा संघ के अध्यक्ष रवींद्र कुमार ने कहा की हमारा संगठन तोड़ने में नहीं जोड़ने में विश्वास रखता है।इसलिए सभी संगठन एक साथ काम करे ये कर्मचारी हित के लिए अच्छा होगा।

मौके पर धनबाद के सिविल सर्जन डा श्याम किशोर ने कहा की बहुत सारी समस्या मेरे जानकारी में व्यस्तता के कारण नही हो पाती है,संगठन का काम है की हुए कर्मचारियों की समस्या से अवगत कराए, मुझे जल्द से जल्द उसका समाधान करने में खुशी होगी।

Anm/Gnm संघ की अध्यक्ष मामलों बारला और सचिव माला कुमारी के ओजस्वी बातो से सभी सदस्य को मंत्र मुग्ध कर दिया,तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा की आप सभी संगठन का साथ मिल गया है अब अनुबंध कर्मियो को नियमित होने से कोई रोक नहीं सकता।मान सम्मान की लड़ाई में नियमितीकरण हमारा प्रमुख उद्देश्य है और हम इसे लेकर रहेंगे। पारा चिकित्सा कर्मी संघ के जिला मंत्री विवेकानन्द प्रसाद और मो रियाज ने कहा अनुबंध का दर्द से उबरने की जरूरत है,जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक समस्याओं के निदान के लिए हमारे संघ के सदस्य पूरी तरीके से साथ देने के लिए तैयार है।अब विभाग के टाल मटोल की नीति का जवाब आंदोलन से देंगे।

चिकित्सा संघ के महामंत्री रामाधार शर्मा ने सदन में आए सारे विचार ,समस्या सुनने के बाद कहा की पदाधिकारी कर्मचारियों की मांग न सुनकर आंदोलन के लिए विवश कर रही है।साथ ही सभी संगठन के नेतृत्वकर्ता को कहा की प्रखंड स्तर तक अपनी कमिटी तैयार करे,ताकि आंदोलन की आगाज होते ही कर्मचारियों की सभी मांगों की पूर्ति के लिए सरकार की घेर सके।

सभी नेतृत्वकर्ता को कर्मचारी हित के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने की सीख दी और कहा मजदूरो की नगरी में अब समय आ गया है जब अपनी आवाज से पूरे झारखंड को एक नई दिशा दी जा सके ।सिविल सर्जन के आश्वाशन पर कहा लंबित मांगों के समाधान के लिए वक्त की मांग की गई है, उनके आश्वाशन पर विश्वास करते हुए सिविल सर्जन से अपेक्षा रखते है की वो अपनी वादे पर अडिग रहेंगे।अन्यथा आंदोलन के रास्ता अपनाने के लिए धनबाद जिला को तैयार रखने की जिम्मेदारी जिला मंत्री सत्येंद्र शर्मा को दी।

पारा मेडिकल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष श्याम बिहारी ,और प्रखंड मंत्री नूतन कुमारी ने कहा जिस तरह 2014 में ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन ने राज्य भर अनुबंध कर्मियो को नियमित कराया है उसी तरह अब बचे हुए सारे अनुबंध कर्मी के भी नियमितीकरण कराने के लिए सबको साथ आना चाहिए। इसमें हमारा एसोसिएशन अग्रणी भूमिका अवश्य निभाएगा।

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