धनबाद (गोविंदपुर)। BSF जवान रविशंकर साव का आज गोबिंदपुर श्मशान घाट पर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर BSF की तरफ से शहीद जवान को तोपों की सलामी दी गयी। इससे पहले आज सुबह करीब 7 बजे शहीद जवान का शव गोबिंदपुर के हिंद नगर स्थित पैतृक आवास लाया गया। हजारों की भीड़ शहीद के ताबूत में लिपटे शव वाली गाड़ी के पीछे-पीछे चल रही थी।

…जब तक सूरज चांद रहेगा, रविशंकर का नाम रहेगा…शहीद तेरा ये बलिदान, याद रखेगा हिंदुस्तान….भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के बीच शहीद का शव श्मशान घाट लाया गया, जहां शहीद रविशंकर के बेटे ने अंतिम संस्कार से पहले पिता को सैल्यूट किया और जय हिंद कहा। पिता को सैल्यूट करते बेटे को जिस किसी ने देखा उसकी आंखें नम हो गयी।


इधर भाजपा के युवा नेता पंकज सिंह ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर निशाना साधा है। पंकज सिंह ने शहादत के अपमान का मामला उठाते हुए सवाल पूछा है कि
धनबाद जिले में छह विधायक हैं, लेकिन सिर्फ ढुल्लू महतो को छोड़ बाकी विधायक शहीद को श्रद्धांजलि देने तक नहीं पहुंचे। कोयलांचल का लाल देश के लिए सरहद पर शहीद हो गया, लेकिन डीसी, एसएसपी, सिटी एसपी, कमांडेंट को आकर शहादत के दो फूल चढ़ाने का भी वक्त नहीं मिला ? ये शहादत का सीधा-सीधा अपमान है।
उन्होंने सवाल पूछा कि देश हजारों युवा में से किसी एक युवा को देश सेवा का मौका मिलता है। हमारा रविशंकर साव उन्ही सौभाग्यशाली जवान में से एक था, लेकिन उस जवान के बलिदान का मोल ना तो हमारे जनप्रतिनिधियों ने और ना ही हमारे पुलिस प्रशासन अधिकारियों ने समझा। भाजपा नेता पूछा है कि अगर ऐसी निष्ठुरता और अकर्मण्यता की भावना हमारे जनप्रतिनिधि और अधिकारी दिखायेंगे तो फिर हम युवाओं में देशसेवा की भावना कैसे जगायेंगे। जब हम सम्मान ही नहीं दे पायेंगे, तो हमारा जवान क्यों सरहद पर अपनी कुर्बानी देगा।


पंकज सिंह ने इस मामले में फेसबुक पोस्ट कर भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गोबिंदपुर का पहला ऐसा जवान रविशंकर साव था, जिसकी शहादत सरहद पर हुई, आमलोग स्वेच्छा और देशभक्ति दिखाते हुए अंतिम यात्रा में शामिल हुए, लेकिन हमारे जिम्मेदारों का इस तरह से शहादत का अपमान बेहद अफसोस जनक है।

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