UP पंचायत चुनाव से पहले CM योगी का बड़ा दांव! गांव-गांव में मचने वाली है हलचल, अफसरों को मिला आखिरी अल्टीमेटम

सीधे चुनाव का जिक्र नहीं… लेकिन विकास के नाम पर चला ऐसा मास्टर स्ट्रोक, जिससे बदल जाएगी गांवों की तस्वीर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा कदम उठा लिया है, जिसे सियासी गलियारों में ‘मास्टर स्ट्रोक’ माना जा रहा है। पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में CM योगी ने भले ही चुनाव शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन गांवों के विकास को लेकर दिए गए सख्त निर्देशों ने सबको चौंका दिया

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि हर योजना जमीन पर दिखनी चाहिए, कागजों में नहीं। काम में देरी या लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 अफसरों को सख्त संदेश: समय पर काम, पूरी पारदर्शिता

CM योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पंचायतों में चल रही सभी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता और तय समयसीमा में पूरा किया जाए
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन, पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल, उत्सव घर, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, आरजीएसए और गांवों के तालाबों की सफाई जैसे कार्यों पर खास फोकस रखा जाए।

साथ ही विभाग को अब तक जारी बजट की समीक्षा करते हुए तेजी से धनराशि खर्च करने के आदेश दिए गए।

 डिजिटल लाइब्रेरी पर CM योगी का खास जोर

मुख्यमंत्री ने पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना को लेकर सबसे ज्यादा सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि यह काम युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, ताकि गांवों के छात्रों को शहरों की ओर भटकना न पड़े।

 11452 ग्राम पंचायतों में बनेंगी डिजिटल लाइब्रेरी

पंचायती राज विभाग प्रदेश की 11452 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने में जुटा है।

  • 75 जिलों की चिन्हित पंचायतों के लिए किताबें और फर्नीचर खरीदने के टेंडर जारी

  • यूपी डेस्को द्वारा कंप्यूटर खरीद की प्रक्रिया तेज

  • केंद्र सरकार से पहले चरण में 453 करोड़ रुपये जारी

  • 75% राशि खर्च होने पर मिलेगा दूसरा चरण का फंड

डिजिटल लाइब्रेरी बनने के बाद ग्रामीण छात्र गांव में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी किताबों और डिजिटल संसाधनों से कर सकेंगे।

चुनाव की आहट या विकास का अल्टीमेट प्लान?

हालांकि मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव पर सीधे कुछ नहीं कहा, लेकिन विकास कार्यों को लेकर अचानक आई तेजी को राजनीतिक हलकों में चुनावी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस अहम बैठक में विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर, प्रमुख सचिव अनिल कुमार और निदेशक अमित कुमार सिंह भी मौजूद रहे।

UP में पंचायत चुनाव से पहले गांवों की सूरत बदलने की तैयारी शुरू हो चुकी है
अब देखना ये होगा कि CM योगी का यह विकास मॉडल जमीनी हकीकत में कितना असर दिखाता है, या फिर यह अल्टीमेटम अफसरों के लिए सिर्फ चेतावनी बनकर रह जाता है।

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