ट्रंप ने चीन को दी खुली चेतावनी: दुर्लभ खनिजों पर निर्यात नियंत्रण पड़ा महंगा, मुलाकात भी रद्द!
अनुभवी विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक बाजार में भूचाल आ सकता है। जानें क्या है पूरा मामला और इसके संभावित परिणाम।

वाशिंगटन डी.सी. – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन पर कड़ा प्रहार किया है, दुर्लभ मृदा खनिजों पर चीन के बढ़ते निर्यात नियंत्रण प्रयासों को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आलोचना करते हुए अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है और यहां तक कह दिया है कि उन्हें इस महीने के अंत में निर्धारित यात्रा के दौरान शी जिनपिंग से मिलने का कोई कारण नहीं दिखता।
दुर्लभ खनिजों पर चीन का “आक्रामक” कदम
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “चीन में कुछ बहुत ही अजीबोगरीब चीजें हो रही हैं। वे बहुत आक्रामक हो रहे हैं और दुनिया भर के देशों को पत्र भेज रहे हैं कि वे रेयर अर्थ से जुड़े हर उत्पादन पर और किसी भी अन्य चीज़ पर, जिसके बारे में वे सोच सकते हैं, निर्यात नियंत्रण लगाना चाहते हैं, भले ही वह चीन में निर्मित न हो।” उन्होंने इस कदम को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि यह बाजारों को रोकेगा और दुनिया, खासकर चीन के लिए “जीवन कठिन बना देगा”।
आर्थिक दंड की धमकी और “घात लगाए बैठे” होने का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन पर आर्थिक दंड की धमकी देते हुए चेतावनी दी कि चीन द्वारा जारी किया गया आदेश उन्हें “संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में उनके कदम का आर्थिक रूप से विरोध करने के लिए बाध्य” करेगा। ट्रंप ने आगे लिखा, “मुझे हमेशा से लगता रहा है कि वे घात लगाए बैठे हैं और अब हमेशा की तरह मैं सही साबित हुआ हूं! चीन को दुनिया को ‘बंदी’ बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती, लेकिन ऐसा लगता है कि उनकी योजना काफी समय से यही थी, जिसकी शुरुआत ‘मैग्नेट’ और दूसरे तत्वों से हुई है, यह एक भयावह और शत्रुतापूर्ण कदम है।”
अमेरिका की “एकाधिकार” स्थिति और मुलाकात रद्द
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के पास भी चीन की तुलना में कहीं “ज्यादा मजबूत और दूरगामी एकाधिकार की स्थिति” है, जिसका उन्होंने अब तक “उपयोग करने का फैसला नहीं किया” था। उन्होंने कहा कि चीन ने जो पत्र भेजा है वह कई पन्नों का है और उसमें उन सभी तत्वों का विस्तृत विवरण है जिन्हें वे अन्य देशों से छिपाना चाहते हैं।
इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा प्रभाव आगामी राजनयिक मुलाकात पर पड़ा है। ट्रंप ने लिखा, “मैंने राष्ट्रपति शी से बात नहीं की है क्योंकि ऐसा करने का कोई कारण नहीं था। यह न केवल मेरे लिए, बल्कि स्वतंत्र विश्व के सभी नेताओं के लिए एक बड़ा आश्चर्य था। मुझे दो हफ्ते बाद दक्षिण कोरिया में APEC में राष्ट्रपति शी से मिलना था, लेकिन अब ऐसा करने का कोई कारण नहीं दिखता।”
यह स्थिति वैश्विक व्यापार संबंधों और भू-राजनीति में एक नए तनाव का संकेत देती है। दुर्लभ मृदा खनिजों का नियंत्रण कई उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है, और इस पर चीन का एकाधिकार दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता का विषय रहा है। ट्रंप की इस कड़ी प्रतिक्रिया के बाद, अंतरराष्ट्रीय बाजार और राजनयिक गलियारों में इस पर पैनी नजर रखी जा रही है।









