सड़क पर बुआ कहकर छुए पैर… और उड़ गए सोने के जेवर…संस्कारी ठग की चाल..CCTV ने खोला राज..

आदर के नाम पर जाल बिछाकर बुजुर्ग महिला से ठगी; बिना नंबर की बाइक पर आया युवक, एमपी से गिरफ्तार

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को चौंका दिया है। यहां एक शातिर युवक ने ‘संस्कार’ को हथियार बनाया, सड़क पर बुजुर्ग महिला के पैर छुए, उन्हें “बुआ” कहकर भरोसा जीता और फिर सोने के जेवर लेकर फरार हो गया। हालांकि, आखिरकार CCTV कैमरों ने उसकी चालाकी की पोल खोल दी।

यह मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है।

 कूड़ा फेंकने निकली थीं… जाल में फंस गईं

घटना बीते शुक्रवार की बताई जा रही है। बौद्ध नगर निवासी रुनिया देवी सुबह घर के बाहर कूड़ा फेंकने निकली थीं। तभी बिना नंबर की बाइक पर सवार एक युवक उनके पास पहुंचा। उसने बड़े सम्मान से उनके पैर छुए और कहा—
“बुआ जी, प्रणाम!”

अचानक मिले इस सम्मान से महिला अचंभित रह गईं। युवक ने झांसा दिया कि उसकी मां आगे खड़ी हैं और वह उनसे मिलना चाहती हैं। पहचान न होने के बावजूद सम्मान भरे व्यवहार में महिला उसकी बातों में आ गईं।

 ‘मां के लिए बनवाने हैं ऐसे ही कुंडल’… और उतरवा ली कंठी

आरोपी, जिसकी पहचान बाद में विजय कुमार के रूप में हुई, ने महिला के सोने के कुंडलों की तारीफ शुरू कर दी। उसने कहा कि वह अपनी मां के लिए बिल्कुल ऐसे ही कुंडल बनवाना चाहता है। इसी बहाने उसने महिला से दोनों कुंडल और गले की सोने की कंठी उतरवा ली।

फिर वह महिला को अपनी बाइक पर बैठाकर कुछ दूर ले गया और बीच रास्ते उतारकर फरार हो गया। जब तक महिला को ठगी का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

 CCTV से खुला राज, एमपी से निकला आरोपी

परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने इलाके के CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में बिना नंबर की बाइक और आरोपी का चेहरा साफ नजर आया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को राजघाट कॉलोनी पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया।

सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी विजय कुमार अहिरवार, मध्य प्रदेश के ओरछा का रहने वाला है। उसके पास से लूटा गया एक कुंडल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।

 पुलिस की अपील: सड़क पर कोई ‘बुआ’ कहे तो सतर्क रहें

इस घटना के बाद पुलिस ने खासतौर पर बुजुर्ग महिलाओं से अपील की है कि सड़क पर अनजान लोगों से सतर्क रहें। सम्मान और रिश्तेदारी के नाम पर बात करने वाले ठग सक्रिय हो सकते हैं।

झांसी की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधी अब ‘संस्कार’ और ‘रिश्तों’ का सहारा लेकर भी वारदात को अंजाम देने लगे हैं।

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