जेल से धमकी मामले पर आईजी ने की कारवाई: जेलर प्रमोद कुमार सहित 3 सस्पेंड, भूमिका संदिग्ध

रांची। बिरसा मुंडा जेल से धमकी देने के मामले में जेलर प्रमोद कुमार और दो अन्य लोगों को निलंबित कर दिया गया है. जेल आईजी ने रांची जेलर प्रमोद कुमार, सीनियर वार्डन अवधेश सिंह और कम्प्यूटर ऑपरेटर पवन पर कारवाई की है। पूरा मामला शराब घोटाले में गिरफ्तार कारोबारी योगेंद्र तिवारी से जुड़ा हुआ है.
रांची के एक प्रतिष्ठित अखबार के संपादक को जेल से धमकी दी गई थी. जांच के क्रम में यह बात सामने आई है कि इसमें जेलर की भूमिका भी संदिग्ध है. जांच में पता चला था की संपादक को जेल में बंद योगेंद्र तिवारी के द्वारा ही धमकी दी गई है. योगेंद्र तिवारी को ईडी ने गिरफ्तार किया था. जिसके बाद से ही वह रांची जेल में बंद है. पूरे मामले में जेलर, कम्प्यूटर ऑपरेटर और सीनियर वार्डेन की भूमिका संदिग्ध पाई गई
बताया जाता है कि जेल से धमकी देने के मामले में इन लोगों की भूमिका संदिग्ध है. फिलहाल इन सभी लोगों को निलंबित कर दिया गया है. जेल में फोन के इस्तेमाल और इस तरह की घटना को देखते हुए जेलर को निलंबित किया गया है।
ED कर रही है जांच
जेल से धमकी मामले में ईडी भी जांच कर रही है. मंगलवार को जेलर प्रमोद को ईडी ने एजेंसी के दफ्तर तलब कर पूछताछ भी की थी. वहीं सीनियर वार्डेन के यहां रेड भी की गई थी. शराब घोटाला मामले में रांची जेल में बंद ईडी के आरोपी योगेंद्र तिवारी को जेल में सुविधाएं पहुंचाने को लेकर ईडी ने रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के जेलर प्रमोद कुमार से मंगलवार को लंबी पूछताछ की थी.









