500 हत्या से मचा हड़कंप : चुनावी वादा पूरा करने से 500 जानें ले ली गयी, मचा हड़कंप, पुलिस ने FIR दर्ज कर कईयों को किया गिरफ्तार, देशभर में नाराजगी

500 deaths cause widespread outrage: 500 lives lost in fulfilling an election promise, sparking panic and anger; police register FIR and arrest several people; nationwide outrage ensues.

Big News : एक बड़ी खबर आ रही है, 500 जानें एक झटके में ले ली गयी। इस घटना के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है, कि चुनावी वादों को पूरा करने के लिए इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया है। दरअसल एक सप्ताह के भीतर 500 से ज्यादा कुत्तों की हत्या कर दी गयी। ये पूरी घटना तेलंगाना के कामारेड्डी और हनमकोंडा जिलों में घटी है।

आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनावों में किए गए “आवारा कुत्तों से मुक्त गांव” के वादे को पूरा करने के लिए यह अमानवीय कदम उठाया गया। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि पशु कल्याण संगठनों और डॉग लवर्स में भारी आक्रोश है। मिली जानकारी के मुताबिक सिर्फ सात दिनों के भीतर 500 से अधिक आवारा कुत्तों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई।

यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब सुप्रीम कोर्ट में देशभर में स्ट्रे डॉग्स से जुड़े मामलों पर सुनवाई चल रही है। इस सामूहिक हत्या ने न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर दिया है।

ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान कई उम्मीदवारों और सरपंचों ने ग्रामीणों को लुभाने के लिए “आवारा कुत्तों से मुक्त गांव” का वादा किया था।

चुनाव जीतने के बाद इन वादों को पूरा करने के नाम पर कथित तौर पर कुत्तों को पकड़कर जहर या इंजेक्शन के जरिए मार दिया गया। पुलिस के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई और इसे रात के समय अंजाम दिया गया, ताकि किसी को भनक न लगे।पुलिस जांच में सामने आया है कि इस कथित कांड में हाल ही में निर्वाचित सात सरपंचों के अलावा ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत स्टाफ और तीन निजी कॉन्ट्रैक्टर भी शामिल हैं।

आरोप है कि कॉन्ट्रैक्टरों को जहरीले इंजेक्शन और अन्य सामग्री की व्यवस्था के लिए भुगतान किया गया था। इसके बाद डॉग कैचर्स की मदद से सैकड़ों कुत्तों को पकड़कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया।मामला सामने आने के बाद पुलिस ने हनमकोंडा जिले के शायमपेट, अरेपल्ली और पलवांचा इलाकों से करीब 110 कुत्तों के शव बरामद किए हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “अनजान टॉक्सिन” यानी अज्ञात जहर बताया गया है। पुलिस का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है और कुल 500 से ज्यादा कुत्तों की हत्या की आशंका है।इस मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA Act 1960) के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।

पुलिस के अनुसार, सरपंचों ने कथित तौर पर इस कार्रवाई की अनुमति दी, पंचायत सचिव और स्टाफ ने लॉजिस्टिक सहयोग दिया और निजी कॉन्ट्रैक्टरों ने इसे अंजाम तक पहुंचाया।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जिन गांवों में यह घटनाएं हुईं, वहां के ग्रामीणों ने भी स्वीकार किया है कि पंचायत चुनावों के दौरान आवारा कुत्तों की समस्या को बड़ा मुद्दा बनाया गया था। चुनाव जीतने के बाद उसी वादे को पूरा करने के लिए यह क्रूर कदम उठाया गया।

12 जनवरी 2026 को स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया से जुड़े एनिमल क्रुएल्टी प्रिवेंशन मैनेजर अदुलापुरम गौतम ने माचारेड्डी थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पलवांचा मंडल के भावनीपेट, पलवांचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारमेश्वरापल्ली गांवों में दो से तीन दिनों के भीतर करीब 200 कुत्तों की हत्या की गई।

गौतम के अनुसार, 12 जनवरी की दोपहर करीब 3 बजे उन्हें इन सामूहिक हत्याओं की विश्वसनीय सूचना मिली थी।

घटना सामने आने के बाद पशु कल्याण संगठनों, एनिमल एक्टिविस्ट्स और डॉग लवर्स में जबरदस्त नाराजगी है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान कानून के तहत नसबंदी और टीकाकरण जैसे मानवीय तरीकों से किया जाना चाहिए, न कि सामूहिक हत्या के जरिए।

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