नयी दिल्ली । देश में बड़ी संख्या में IAS और IPS के पद खाली हैं। इनमे से भारतीय प्रशासनिक सेवा यानि IAS के 1472 और भारतीय पुलिस सेवा के 864 खाली हैं। सदन में लिखित सवाल के जवाब में कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने देश में खाली पड़े आईएएस और आईपीएस के पदों की जानकारी दी। उन्होंने ये भी बताया कि खाली पद रहने के बावजूद भर्तियां क्यों नहीं ज्यादा पदों पर की जाती।

उन्होंने कहा कि IAS अधिकारियों की इष्टतम भर्ती को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बासवान समिति की सिफारिशों के आधार पर वर्ष 2012 से सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से IAS अधिकारियों की वार्षिक भर्ती संख्या को बढ़ाकर 180 किया है। सिंह ने कहा कि समिति ने यह भी सिफारिश की थी कि 180 से अधिक किसी भी संख्या के कारण गुणवत्ता से समझौता होगा। उसने कहा कि यह संख्या लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) की क्षमता से अधिक होगी तथा इससे IAS अधिकारियों विशेष रूप से भारत सरकार में वरिष्ठ पदों के करियर पिरामिड में विकृति उत्पन्न होगी।

उन्होंने कहा कि 2020 से सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से IPS के लिए भर्ती किए जाने वाले पदों की संख्या बढ़ाकर 200 की गई है। कार्मिक राज्यमंत्री ने बताया कि दिनांक एक जनवरी 2022 तक की स्थिति के अनुसार, विभिन्न राज्यों में IAS में 1472 और IPS में 864 रिक्तियां हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रिक्तियों का उत्पन्न होना तथा उनका भरा जाना एक सतत प्रक्रिया है। सरकार का यह प्रयास है कि संवर्गों में रिक्तियों को भरा जाए। संघ लोक सेवा आयोग प्रत्येक वर्ष IAS और IPS श्रेणी में सीधी भर्ती के आधार पर रिक्तियों को भरने के लिए सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है।

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