AI की दौड़ में दुनिया दंग… 2047 से पहले बदलेगा भारत का चेहरा? PM मोदी का बड़ा दावा
टॉप-3 AI देशों में होगा भारत, Deepfake से लेकर नौकरियों तक दिया साफ संदेश

नई दिल्ली। क्या आने वाले वर्षों में दुनिया की टेक्नोलॉजी ताकतों की सूची बदलने वाली है? क्या 2047 तक भारत सिर्फ डिजिटल उपभोक्ता नहीं, बल्कि AI महाशक्ति बनकर उभरेगा? इन सवालों के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एक खास इंटरव्यू में ऐसा दावा किया, जिसने वैश्विक टेक जगत में हलचल मचा दी है।
प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा – “दुनिया के टॉप-3 AI देशों में भारत होगा।” यह सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि ‘Mission 2047’ का टेक्नोलॉजिकल ब्लूप्रिंट बताया जा रहा है।
‘ग्लोबल साउथ’ के लिए नई मिसाल
प्रधानमंत्री ने ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के मंच से कहा कि भारत का AI विजन केवल मुनाफे तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका मूल मंत्र है – “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय”।
यह शिखर सम्मेलन ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों के लिए अपनी तरह का पहला बड़ा आयोजन माना जा रहा है। इसमें दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और तकनीकी दिग्गजों ने भाग लिया।
पीएम ने संकेत दिया कि भारत AI को केवल टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव के हथियार के रूप में देखता है।
स्वास्थ्य से खेती तक… हर क्षेत्र में AI की एंट्री
प्रधानमंत्री के अनुसार, ‘विकसित भारत 2047’ की यात्रा में AI क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है।
हेल्थकेयर: बीमारियों की शुरुआती पहचान में AI का इस्तेमाल।
शिक्षा: भारतीय भाषाओं में पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार।
कृषि: महिला डेयरी किसानों को AI आधारित सटीक सलाह।
सरकार का दावा है कि टेक्नोलॉजी अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांवों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगी।
140 करोड़ लोगों के लिए AI सिस्टम… चुनौती या अवसर?
भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि AI सिस्टम 140 करोड़ लोगों के लिए काम करेंगे।
"India should be among the top three AI superpowers globally": PM Modi sets 2047 vision
FULL TRANSCRIPT of Prime Minister Narendra Modi's interview to @ANI l https://t.co/cGA3yljgLV pic.twitter.com/2UQM6qjIq3
— ANI Digital (@ani_digital) February 17, 2026
क्षेत्रीय भाषाओं और विविध डेटा सेट पर फोकस किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार का भेदभाव खत्म हो सके। यह संकेत है कि भारत ‘इन्क्लूसिव AI’ मॉडल पर काम कर रहा है।
DPI, Aadhaar और Deepfake पर सख्ती
प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की ताकत को रेखांकित करते हुए Unique Identification Authority of India द्वारा संचालित Aadhaar और National Payments Corporation of India द्वारा विकसित UPI की सफलता का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि DPI और AI का मेल गवर्नेंस और पारदर्शिता को नई ऊंचाई देगा।
साथ ही ‘IndiaAI Safety Institute’ और Deepfake रोकने के लिए वाटरमार्किंग जैसे सख्त कदमों का भी जिक्र किया गया।
नौकरियों पर डर खत्म? पीएम का जवाब
AI से रोजगार खत्म होने के डर पर प्रधानमंत्री ने साफ कहा –
“तैयारी ही डर का सबसे बड़ा इलाज है।”
सरकार बड़े पैमाने पर स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चला रही है। उनका मानना है कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नई क्षमताएं और नए अवसर पैदा करेगा।
क्या 2047 से पहले बदलेगी वैश्विक ताकतों की सूची?
PM मोदी का यह बयान सिर्फ एक विजन नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और तकनीकी संदेश भी है। अगर भारत सचमुच टॉप-3 AI देशों में शामिल होता है, तो यह वैश्विक शक्ति संतुलन को बदल सकता है।









