₹10 में कपड़े प्रेस करने वाला धोबी बना 600 करोड़ के खेल का मोहरा! एक नोटिस ने उड़ाए होश, सच जानकर कांप उठेंगे आप

गरीबी में गुजर-बसर कर रहे शख्स के नाम पर करोड़ों का कारोबार, पैन कार्ड चोरी से खुला फर्जी कंपनी का खौफनाक राज


Ajmer से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आम आदमी की सुरक्षा और सिस्टम की गंभीर खामियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रामनगर इलाके में रहने वाले एक साधारण धोबी जितेंद्र बाड़ोलिया की जिंदगी उस वक्त बुरी तरह हिल गई, जब Income Tax Department ने उन्हें करीब 598 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन का नोटिस थमा दिया।

महज ₹10 प्रति जोड़ी कपड़े प्रेस कर अपना गुजारा करने वाले जितेंद्र के लिए यह नोटिस किसी डरावने सपने से कम नहीं था। जैसे ही उन्हें इस नोटिस की जानकारी मिली, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। शुगर लेवल 500 के पार पहुंच गया, ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया और मानसिक तनाव इतना बढ़ा कि उन्होंने खाना-पीना तक छोड़ दिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल तक ले जाना पड़ा।

जब होश संभला, तो जितेंद्र अपने वकील के पास पहुंचे और पूरी घटना बताई। जांच में जो सामने आया, वह और भी ज्यादा हैरान करने वाला था। वकील के मुताबिक यह पूरा मामला पहचान की चोरी यानी Identity Theft का प्रतीत होता है। दरअसल, करीब दो साल पहले जितेंद्र का पैन कार्ड खो गया था। आशंका है कि इसी का फायदा उठाकर किसी शातिर ने उनके नाम पर बैंक खाता खुलवाया और आगे पूरा फर्जी खेल रच दिया।

बताया जा रहा है कि उसी पैन कार्ड के आधार पर जीएसटी नंबर हासिल कर एक फर्जी फर्म बनाई गई। नोटिस में हीरे-जवाहरात के व्यापार से जुड़े करोड़ों के लेन-देन का जिक्र है, जो जितेंद्र के लिए पूरी तरह अनजान था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि Surat में ‘मैसर्स मनन इंटरप्राइजेज’ नाम से एक कंपनी खोली गई, जिसके जरिए महज 3 महीने के भीतर करीब 600 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया। इस पूरे खेल की भनक तक जितेंद्र को नहीं लगी, जबकि उनके नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल हो रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए Ajmer के गंज थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब इस धोखाधड़ी के पीछे काम कर रहे पूरे गिरोह की तलाश में जुट गई है। वहीं आयकर विभाग ने संबंधित बैंक मैनेजर को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि आखिर इतने बड़े ट्रांजैक्शन की जानकारी समय रहते क्यों नहीं दी गई।

यह मामला न सिर्फ एक गरीब व्यक्ति की जिंदगी में आए तूफान की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही या चोरी किसी को करोड़ों के फर्जीवाड़े में फंसा सकती है।

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