रांची झारखंड में पुलिस अफसरों और कर्मियों को अत्याधुनिक रूप से प्रशिक्षित कर दक्ष बनाया जाएगा। केंद्र सरकार के नेशनल टेक्नोलॉजी मिशन के तहत राज्य पुलिस कर्मियों को टेक्नो सेवी बनाने के लिए एक दर्जन आईपीएस अधिकारी को पुलिस मुख्यालय ने टास्क दिया था।पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट कहा था राज्य की पुलिस को आधुनिक रूप से दक्ष बनाने की दिशा में क्या क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

झारखंड के पुलिस अफसरों को टेक्नोलॉजी फ्रेंडली बनाने की दिशा में केंद्रीय गृह मंत्रालय की के दिशा निर्देश के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। पुलिस में अधिक से अधिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कैसे हो ,इसपर भी प्लान तैयार किया जा रहा है।

इस टास्क के तहत आईपीएस अधिकारियों ने अपने स्तर से योजना बनाई है कि पुलिस विभाग में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को कैसे बढ़ावा दिया जाए । सारे आईपीएस अधिकारियों से अलग-अलग आए फीडबैक के आधार पर झारखंड पुलिस मुख्यालय के द्वारा एक पेपर केंद्रीय गृह मंत्रालय को दिया जाएगा । इसके बाद पुलिस में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में काम होगा ।

20 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री के अधिकारियों के साथ बैठक

राज्य पुलिस मुख्यालय ने पुलिस कर्मियों को टेक्नोलॉजी में दक्ष बनाने की योजना पर काम की मॉनिटरिंग का टास्क एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर को दिया है। 20 जुलाई को झारखंड पुलिस की ओर से एडीजी संजय लाटकर गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक देशभर में नेशनल टेक्नोलॉजी मिशन के तहत पुलिस कर्मियों को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में पहल की गई है। इसकी मॉनिटरिंग राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे है। प्रत्येक राज्य में वहां की चुनौतियां के मुताबिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को लेकर योजना बनाने का जिम्मा दिया गया है ।

अपराधिक मामलों में साक्ष्य जुटाने में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अहम

अपराधिक मामलों के बाद साक्ष्य जुटाने में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और टेक्निकल साक्ष्य के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने में पुलिस को कैसे काम करना चाहिए, कैसे साक्ष्य जुटाने चाहिए इसको लेकर भी योजना बनाई जाएगी।

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