मंईया सम्मान योजना में शर्मनाक खुलासा, शिक्षक व आंगनबाड़ी सहायिका भी ले रही थी योजना का लाभ, अब होगा बड़ा एक्शन..

Mainya Samman Yojna : जरुरतमंद महिलाओं के हक पर कैसे डाका डाला जाता है, इसका खुलासा पलामू में हुआ है। 1000 रुपये (अब 2500 रुपये) के लालच में कई शिक्षकों और आंगनबाड़ी महिलाओं ने भी अपना ईमान बेच दिया। पलामू में मंईया सम्मान योजना के फर्जीवाड़े में बड़ा खुलासा हुआ है। 584 फर्जी लाभुकों की जानकारी अब तक सामने आयी है। इनसे पैसे की वसूली की तैयारी की जा रही है, साथ ही मामला भी दर्ज किया जायेगा।
शिक्षक व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी ले रही थी लाभ
पलामू में प्रशासनिक जांच में पारा शिक्षकों और आंगनबाड़ी सेविका भी पकड़ आयी है, जो महीनों से मंईया सम्मान योजना का लाभ ले रही थी। ये वो लाभुक थे, जो मंईयां सम्मान योजना के हकदार नहीं थे। योग्यता को ठेंगा दिखाकर ये महिलाएं योजना का लाभ ले रही थी। इनमें से कई महिलाएं तो 50 साल से भी पार है।
अभी और होंगे चौकाने वाले खुलासे
विभाग की जांच में ये बातें सामने आयी है कि प्रारंभिक तौर पर चार प्रखंडों में 584 फर्जी लाभुक पकड़े गए हैं। शुरुआती चार प्रखंडों की रिपोर्ट सामने आ गई है. मेदिनीनगर सदर प्रखंड में 189, सतबरवा में 170, लेस्लीगंज में 82 और रामगढ़ में 143 फर्जी लाभुक पकड़े गए हैं।
पकड़ाये लोगों से होगी रिकवरी
बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोग योजना का लाभ ले रहे थे, वहीं पारा शिक्षक और आंगनबाड़ी से जुड़े लोग भी पकड़े गए हैं। पूरे मामले की विस्तृत जांच चल रही है, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पलामू के 21 प्रखंडों में जांच चल रही है।
प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई है कि सरकारी कर्मचारियों के परिवार के लोग भी मंईयां योजना का लाभ ले रहे हैं। पलामू में ढाई हजार से ज्यादा ऐसे लोग पकड़े गए हैं, जिन्होंने दो अलग-अलग खातों से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था।









