स्कूल बना दावत का अड्डा, सच बोलने की सजा ऐसी कि कांप उठे लोग… आरोपी प्रिंसिपल फरार!
मुर्गा पार्टी का राज खोला तो बना शिकार! प्रिंसिपल की हैवानियत से छात्र के फेफड़े तक जख्मी

बिहार के मुंगेर जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर दिया है। असरगंज प्रखंड के मध्य विद्यालय सजुआ में गुरु-शिष्य की मर्यादा उस वक्त तार-तार हो गई, जब स्कूल के अंदर ही कथित तौर पर ‘मुर्गा पार्टी’ का आयोजन किया गया।
आरोप है कि इस दौरान शिक्षकों और प्रधानाध्यापक ने स्कूल परिसर को ही दावत का अड्डा बना दिया और छात्रों को क्लासरूम से बाहर निकाल दिया गया। लेकिन आयुष कुमार नाम के एक छात्र ने हिम्मत दिखाते हुए इस पूरी घटना का खुलासा मीडिया के सामने कर दिया—और यहीं से उसकी मुश्किलें शुरू हो गईं।
सच बोलने की मिली खौफनाक सजा
अगले ही दिन जब आयुष स्कूल पहुंचा, तो आरोप है कि प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार सिंह ने उसे ‘सबक सिखाने’ के नाम पर कक्षा से बाहर बुलाया और बेरहमी से लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान अन्य शिक्षक तमाशबीन बने रहे और किसी ने भी मासूम को बचाने की कोशिश नहीं की।
इस पिटाई में छात्र को इतनी गंभीर चोटें आईं कि उसके फेफड़ों में अंदरूनी चोट (इंटरनल इंजरी) हो गई।
हालत बिगड़ी, भागलपुर रेफर
गंभीर रूप से घायल आयुष को पहले असरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
इधर, घटना के बाद जब परिजन स्कूल पहुंचे, तो आरोपी प्रिंसिपल पहले ही फरार हो चुका था।
सियासी तूल, कार्रवाई की तैयारी
इस घटना ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भाजपा प्रखंड अध्यक्ष अजीत कुमार मुन्ना ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में इस तरह की हरकतें और सच उजागर करने वाले बच्चे की पिटाई बिल्कुल अस्वीकार्य है।
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी कुणाल गौरव ने मामले को गंभीर बताते हुए आरोपी प्रधानाध्यापक से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल्द ही इस मामले में सख्त दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।









