नए साल से बदल गया टीवी-फ्रिज-गैस चूल्हे का नियम…बिना ये देखे खरीदा तो पछताएंगे…सरकार ने लागू किया नया स्टैंडर्ड….
1 जनवरी 2026 से इलेक्ट्रॉनिक और गैस उपकरणों पर सख्त स्टार-रेटिंग नियम, अब गलत सामान लेने की गुंजाइश नहीं—जानिए क्या बदला और आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा

नई दिल्ली: अगर आप नए साल में टीवी, फ्रिज, एसी या गैस चूल्हा खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 1 जनवरी 2026 से सरकार ने इन सभी उपकरणों के स्टैंडर्ड बदल दिए हैं।
अब सिर्फ कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि ग्राहकों के लिए भी सतर्क रहना जरूरी हो गया है, क्योंकि गलत जानकारी के साथ खरीदा गया सामान आगे चलकर महंगा नुकसान दे सकता है।
बिजली मंत्रालय के तहत काम करने वाले ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) की गजट अधिसूचना के मुताबिक, ऊर्जा दक्षता वाली स्टार रेटिंग को अब कई उपकरणों पर अनिवार्य कर दिया गया है।
अब किन उपकरणों पर स्टार रेटिंग जरूरी?
1 जनवरी 2026 से इन उपकरणों पर BEE स्टार रेटिंग अनिवार्य होगी—
रेफ्रिजरेटर (फ्रॉस्ट-फ्री और डायरेक्ट कूल)
टीवी (कलर और अल्ट्रा HD)
LPG गैस चूल्हा
कूलिंग टॉवर
डीप फ्रीजर
वितरण ट्रांसफॉर्मर
ग्रिड से जुड़े सोलर इनवर्टर
इन सभी पर अब 1 से 5 स्टार की रेटिंग साफ-साफ दिखानी होगी, जिससे यह पता चलेगा कि उपकरण कितनी बिजली खपत करेगा।
पहले क्या था नियम?
अब तक—
फ्रॉस्ट-फ्री और डायरेक्ट कूल फ्रिज
डीप फ्रीजर
कैसेट, फ्लोर-स्टैंडिंग, टॉवर और सीलिंग AC
कलर और अल्ट्रा HD टीवी
इन पर स्टार रेटिंग दिखाना कंपनियों की मर्जी पर था।
जुलाई 2025 में इन नियमों का मसौदा जारी किया गया था और जनता से सुझाव मांगे गए थे। अब उन्हीं सुझावों के आधार पर नए नियम लागू कर दिए गए हैं।
पहले से किन उपकरणों पर अनिवार्य थी रेटिंग?
BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स) के तहत पहले ही इन पर स्टार रेटिंग जरूरी थी—
रूम एयर कंडीशनर
इलेक्ट्रिक सीलिंग फैन
इलेक्ट्रिक वॉटर हीटर
वॉशिंग मशीन
ट्यूबलर फ्लोरोसेंट लैंप
LED लैंप
अब इन सभी के लिए भी ऊर्जा दक्षता के नियम और सख्त कर दिए गए हैं।
स्टार रेटिंग से कितनी बिजली बचेगी?
स्टार रेटिंग सीधे आपकी बिजली बचत से जुड़ी है—
5-स्टार उपकरण, 3-स्टार की तुलना में
25–30% ज्यादा बिजली बचाते हैं5-स्टार AC या फ्रिज से
सालाना 3,000–4,000 रुपये तक की बचत संभव
यानी जितना ज्यादा स्टार, उतनी कम बिजली और कम बिल।
स्टार रेटिंग के बड़े फायदे
पर्यावरण की सुरक्षा:
कम बिजली खपत = कम कार्बन उत्सर्जन = ग्लोबल वॉर्मिंग पर लगाम
खरीदारी में आसानी:
BEE लेबल देखकर तुरंत पता चल जाता है कि कौन सा उपकरण ज्यादा किफायती है
पहले महंगा, बाद में सस्ता:
शुरुआत में कीमत ज्यादा लगेगी, लेकिन लंबे समय में यही उपकरण सबसे सस्ता साबित होगा
सरकारी इंसेंटिव का फायदा:
सरकार ऊर्जा-दक्ष उपकरण बनाने वाली कंपनियों को सब्सिडी देती है, जिसका फायदा आखिरकार ग्राहकों को मिलता है।
खरीदने से पहले यह जरूर देखें
उपकरण पर BEE स्टार लेबल हो
कम से कम 3-स्टार या उससे ऊपर की रेटिंग हो
बहुत सस्ता दिखने वाला बिना रेटिंग वाला सामान न लें
नए साल में नियम बदल चुके हैं। अब टीवी-फ्रिज-एसी या गैस चूल्हा खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, स्टार रेटिंग देखना जरूरी है, वरना गलत खरीदारी आपकी जेब और बिजली बिल—दोनों पर भारी पड़ सकती है।



















