ब्लैकमेल की शिकायत करने पहुंचा था बुजुर्ग… खुली ऐसी काली सच्चाई, मोबाइल में मिले 121 गंदे वीडियो—पुलिस भी रह गई सन्न
नासिक में चौंकाने वाला खुलासा, खुद को पीड़ित बताने वाला निकला महिलाओं का शोषक—जांच में सामने आई हैवानियत

नासिक, महाराष्ट्र:
महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। एक बुजुर्ग व्यक्ति, जो खुद को ब्लैकमेलिंग का शिकार बता रहा था, जांच के बाद महिलाओं के यौन शोषण और अश्लील वीडियो बनाने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है।
मामला तब सामने आया जब इस बुजुर्ग ने अपने कार्यालय से टैबलेट चोरी होने और कुछ लोगों द्वारा ब्लैकमेल किए जाने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। उसने दावा किया था कि आरोपियों ने उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो लीक करने की धमकी देकर उससे पैसे ऐंठने की कोशिश की।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, टैबलेट और मेमोरी कार्ड जब्त किए। लेकिन जांच के दौरान जो सामने आया, उसने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी।
जांच में बरामद डिवाइसों से 121 अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो क्लिप मिले, जिनमें खुद शिकायतकर्ता शामिल था। इन वीडियो में महिलाओं और कुछ अन्य लोगों के साथ आपत्तिजनक दृश्य रिकॉर्ड किए गए थे। इसके बाद पुलिस को शक हुआ और जांच का दायरा बढ़ाया गया।
मामले में बड़ा मोड़ तब आया, जब एक पीड़िता सामने आई और उसने बुजुर्ग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसके बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई बार अलग-अलग होटलों में उसका यौन शोषण किया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कई महिलाओं को इसी तरह अपने जाल में फंसाकर उनका शोषण किया और उनके अश्लील वीडियो बनाए। पुलिस ने अन्य संभावित पीड़िताओं से आगे आने की अपील की है और उनकी पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि आरोपी ने पहले खुद को पीड़ित बताते हुए पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, उसकी ही साजिश और काले कारनामे उजागर होते चले गए।
यह मामला न केवल अपराध की भयावहता को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कई बार सच्चाई उस चेहरे के पीछे छिपी होती है, जो खुद को सबसे बड़ा पीड़ित बताता है।









