कोंडागांव(छत्तीसगढ़)।…एक दुल्हा…दो दुल्हन और दो बच्चे .! बच्चों को गोद में लिये दुल्हन मंडप पर बैठी और फिर सात फेरे लिये। अजीबों गरीब शादी का ये नजारा कोंडागंव का था। केशकाल के ईरागांव क्षेत्र के उमला गांव में एक दुल्हे ने दो दुल्हन के संग शादी रचायी। दो दुल्हन पहले प्रेमिका थी और उसके दो बच्चे भी हुए थे। शादी के बाद दुल्हे ने कहा कि दोनों को मैं प्यार करता हूं र हमेशा दोनों को साथ रखूंगा।

जानकारी के मुताबिक गांव के रंजन सिंह सलाम से ग्राम आड़ेंगा निवासी दुर्गेश्वरी मरकाम के परिवार वालों ने शादी का प्रस्ताव रखा था। दोनों की सगाई भी हुई, इसी बीच दुर्गेश्वरी रजन सिंह के घर आ गयी। कुछ माह बाद उसे एक बेटी हुई। इसी दौरान रजन सिंह का आंवरी की रहने वाली सन्नो बाई कोटा से भी प्रेम हो गया।

रजन सिंह और सन्नो काफी करीब आ गये और फिर उसने भी एक बेटी को जन्म दिया। लोगों को जब पता चला तो समाजिक तौर पर चर्चा शुरू हो गयी । रजन सिंह ने समाज के सामने कहा कि उसे दोनों से प्यार है, इसलिए साथ दोनों को रखने में उसे कोई दिक्कत नहीं है। इधर दोनों युवतियां भी रजन सिंह के साथ रहने को तैयार हो गयी।

समाज के सामने दोनों प्रेमिका से शादी के फैसले के बाद शादी का कार्ड छपवाया गया ता, इसमें दुल्हे का नाम तो एक था, लेकिन दुल्हन दो थी। 8 जून को रजन सिंह ने सन्नो और दुर्गेश्वरी दोनों के साथ शादी रचा दी। इस दौरान समाज और परिवार के 500 से ज्यादा लोग पहुंचे थे। शादी के बाद दोनों दुल्हन भी खुश है, उनका कहना है कि हमलोग प्यार करते थे और अब प्यार से सबलोग साथ रहेंगे।

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