रांची। सेना में भर्ती कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा गिरोह चला रहे सरगना और उसके गुर्गे को यूपी-STF ने वाराणसी के छावनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आए जालसाजों की शिनाख्त झारखंड के रांची स्थित कोकर निवासी अमित कुमार चौधरी और न्यू हैदर बली रोड बजरंग नगर के सचिन कुमार पांडेय के तौर पर हुई है। दोनों के पास से रेलवे के 5 फर्जी नियुक्ति पत्र, चार मोबाइल, 7000 रुपए और स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को कैंट थाने की पुलिस को सौंप दिया गया है।

एसटीएफ को कुछ दिनों से पूर्वांचल के जिलों सहित हैदराबाद, नई दिल्ली, कोलकाता, भुवनेश्वर, लखनऊ आदि शहरों में सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजों के एक अंतरराज्यीय गिरोह द्वारा बेरोजगार युवकों को ठगने की सूचना मिलिट्री इंटेलीजेंस वाराणसी से प्राप्त हुई थी। इस पर एसटीएफ की स्थानीय इकाई को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए थे। 

इंडियन आर्मी की खुफिया शाखा से हासिल जानकारी के आधार पर एसटीएफ की वाराणसी यूनिट की टीमें सक्रिय हो गईं. इस गैंग के भांडाफोड़ के लिए निरीक्षक अनिल कुमार सिंह, एसटीएफ फील्ड इकाई, वाराणसी के नेतृत्व में कई टीमों का गठन किया गया था. एसटीएफ को पता चला कि आर्मी में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का सरगना अमित कुमार चौधरी पुत्र नवीन चौधरी है, जिसने अपने गैंग के कुछ साथियों के साथ कैंटोनमेंट एरिया स्थित डाक बंगले में मुरादाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पंजाब और महाराष्ट्र के बेरोजगार युवकों को मिलिट्री इंजिनियरिंग सर्विस (MES) की फर्जी परीक्षा लेकर ठगने के लिए बुलाया है.

कार का पीछा कर आरोपियों को STF ने पकड़ा

सूचना पर एसटीएफ टीमों ने जब छापा मारा तो पता चला कि गैंग के ठग चेक आउट कर चुके हैं. मौके पर मौजूद मिले लड़कों की निशानदेही पर एसटीएफ ने झारखंड नंबर की एक कार को पीछा करके पकड़ लिया. गिरफ्तार ठगों ने अपने नाम अमित कुमार चौधरी और सचिन कुमार पाण्डेय बताया. आरोपियों ने रंगे हाथ पकड़ लिए जाने पर बिना किसी न-नुकुर के कबूल लिया कि वे इंडियन आर्मी में बेरोजगारों को नौकरी दिलवाने के नाम पर उनसे ठगी करते थे.

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