चिता सजाई गई…रीति-रिवाज के सामान लिए….कफन हटा तो फेल हुआ 50 लाख वाला प्लान…दिल्ली से आए कारोबारी की सामने आई इंश्योरेंस थ्योरी….

गंगा घाट पर हुआ 'मृत्यु ड्रामा' – 50 लाख का इंश्योरेंस फ्रॉड फेल, पुतले पर उड़ गई पोल!

हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर): आप गंगा किनारे अंतिम संस्कार देख चुके होंगे, लेकिन गुरुवार को ब्रजघाट पर जो दृश्य देखने को मिला, उसने सबको हक्का-बक्का कर दिया। चिता सजाई गई, रस्मों का सामान खरीदा गया, माहौल भी बना… लेकिन जब चादर हटाई गई, तो शव की जगह निकला प्लास्टिक का पुतला!

कैसे हुआ सस्पेंस का खुलासा?

गढ़मुक्तेश्वर स्थित ब्रजघाट पर दिल्ली से आए चार युवक HR नंबर की i20 में पहुंचे। श्मशान कर्मी नितिन को लगा सब सामान्य है – घी लिया, लकड़ियां लीं, चिता सजाई। लेकिन जैसे ही शव को चादर में लिपटा चिता पर रखा गया, लोगों को शक हुआ।

  • नितिन और स्थानीय लोगों ने चादर हटाने की मांग की

  • युवक लगातार बहाना बनाते रहे

  • श्मशान कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी

पुलिस पहुंची और दो व्यापारी कमल सोमानी और आशीष खुराना को हिरासत में लिया, जबकि उनके दो साथी फरार हो गए। चादर हटाने पर सामने आया मैनीक्विन, यानी प्लास्टिक का पुतला।

50 लाख का इंश्योरेंस फ्रॉड: जिंदा आदमी, मृत दिखाया गया पुतला

कमल सोमानी ने बताया कि वह 50 लाख रुपए के कर्ज में डूबा था। उसने अपने जान पहचान वाले युवक अंशुल के दस्तावेज बहाने से ले लिए और उसके नाम से टाटा AIA का 50 लाख का लाइफ इंश्योरेंस करवा दिया। खुद को नॉमिनी बनाया और योजना बनाई –

  1. पुतले को अंशुल का शव दिखाकर अंतिम संस्कार

  2. मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर इंश्योरेंस क्लेम

श्मशान कर्मी नितिन ने बताया, “दो युवक कार से आए, घी और अंतिम संस्कार का सामान लिया, लेकिन शव चादर में क्यों? जब दबाव बढ़ा तो चादर हटाई, और मैनीक्विन देखकर हम सभी दंग रह गए।”

पुलिस का एक्शन और फरार आरोपी

पुलिस ने मोबाइल से अंशुल को वीडियो कॉल किया, वह प्रयागराज में सुरक्षित था।

  • हिरासत में दो व्यापारियों से गहन पूछताछ

  • धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश के तहत मामला दर्ज

  • फरार दो अन्य युवकों की तलाश जारी

अब सोशल मीडिया पर यह 50 लाख का फ्रॉड, पुतलों का काफिला और गंगा किनारे घटित यह ड्रामा चर्चा का विषय बन चुका है।

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