हार्ट अटैक का डर होगा खत्म! आयुर्वेद का यह ‘वरदान’ नसों की गंदगी कर देगा साफ, जानें अर्जुन छाल का सही इस्तेमाल

The fear of heart attack will be over! This boon from Ayurveda will cleanse the veins of impurities. Learn the correct use of Arjuna bark.

आधुनिक जीवनशैली, तनाव और अनियमित खानपान के बीच दिल की सेहत सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। ऐसे में लोग प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से एक असरदार उपाय है अर्जुन की छाल, जिसे आयुर्वेद में दिल की बीमारियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना गया है।

सदियों से पारंपरिक चिकित्सा में इस्तेमाल की जाने वाली अर्जुन छाल को हार्ट टॉनिक भी कहा जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और कार्डियो-प्रोटेक्टिव गुण दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और हृदय की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं।

अर्जुन छाल के प्रमुख फायदे:

  • दिल की मांसपेशियों को मजबूती: नियमित सेवन से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है और दिल की शक्ति बढ़ती है।

  • ब्लड प्रेशर नियंत्रण: अर्जुन छाल हाई बीपी मरीजों के लिए प्राकृतिक रूप से लाभकारी हो सकती है।

  • कोलेस्ट्रॉल संतुलन: यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा घटता है।

  • एंटीऑक्सीडेंट गुण: फ्री रेडिकल्स से लड़कर शरीर और दिल की कोशिकाओं की सुरक्षा करती है।

  • तनाव और एंजाइटी में राहत: मानसिक शांति प्रदान करके हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।

सेवन का सही तरीका:

  • काढ़ा: 1 कप पानी में 1 चम्मच अर्जुन छाल पाउडर डालकर 5–7 मिनट उबालें, गुनगुना होने पर छानकर पिएं।

  • दूध के साथ: कुछ लोग इसे दूध में उबालकर लेते हैं, जो हृदय के लिए लाभकारी होता है।

  • कैप्सूल: बाजार में उपलब्ध सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से लें।

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