….जिस कार से भागकर नेताजी ने अंग्रेजों से लड़ने के लिए फौज की थी तैयार…. आजादी मिलने के बाद नेताजी के उस आखिरी निशानी को बना दिया कबाड़….

धनबाद। …जिस नेताजी ने देश की खातिर खुद को कुर्बान कर दिया…. जिस नेताजी की निडरता की कहानी सुनकर आज भी रौंगटे खड़े हो जाते हैं। जिन्होंने देश को आजादी दिलाने ना जाने कितने सितम झेले, देश के आजाद होने के बाद नेताजी की निशानियों के जिम्मेदार किस तरह का व्यवहार करते हैं, ये देखना है तो आप धनबाद चले आइये। यहां नेताजी की ऐतिहासिक कार पूरी तरह कबाड़ में तब्दील हो गई है। ये वही कार है, जिससे अंग्रेजों को चकमा देते हुए नजरबंद हुए नेताजी निकल गये थे। अब बंगाली समाज के लोगों ने विरोध किया है. उन्होंने इस मामले को लेकर सदन तक आंदोलन करने की चेतावनी दी है. जिनकी यादों को संजोकर रखना चाहिए था, उसे कबाड़ में बदल दिया गया है. इस बात से अब लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस अज्ञातवास में जाने से पहले अंतिम बार धनबाद में देखे गए थे। यहां वह फोर्ड सुपर डीलक्स कार से कोलियरी घूमा करते थे। इसी कार से गोमोह के लिए भी रवाना हुए थे। बांग्ला भाषा उन्नयन समिति का दावा है कि नेताजी की यह कार बीसीसीएल के कोयला नगर गेस्ट हाउस में जंग खा रही है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। नेताजी की अंतिम निशानी के कलपुर्जे तक गायब हो चुके हैं। खस्ताहाल में जीर्णशीर्ण अवस्था में पड़ी हुई है।

ओड़िशा से नेताजी की कार को लाया गया था

उनकी ऐतिहासिक कार को जिसे संभाल कर रखना चाहिए था उसे कचड़ा बना दिया गया है. दरअसल नेताजी की ऐतिहासिक कार को बीसीसीएल के अतिथि गृह में पूर्व सीएमडी टी के लाहिड़ी ओड़िशा से यह सोच कर धनबाद लाया गया था कि नेताजी की इस अमूल्य निशानी का अवलोकन कोयलांचल के लोग करके खुद को गौरवान्वित महसूस करेंगे, लेकिन इसके उल्ट कुछ और ही हो गया।

देखरेख के अभाव में नेताजी की ऐतिहासिक कार आज पूरी तरह कबाड़ में तब्दील हो गई है. बीसीसीएल और जिला प्रशासन की इस उपेक्षा से धनबाद के बंगाली समुदाय में काफी रोष है. बंगाली समाज के लोगों ने बीसीसीएल गेस्ट हाउस का दौरा किया और जर्जर कार को देख नाराजगी जताई है. उन्होंने इसे नेताजी की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए सड़क से सदन तक आंदोलन करने की बात कही है. यही नहीं इस संदर्भ में जल्द ही बीसीसीएल सीएमडी समीरण दत्ता से मिलकर उन्हें इससे अवगत कराने की भी बात कही है।

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