सबसे बड़ा चमत्कार: अस्पताल में डाक्टरों ने मृत घोषित किया, फिर 15 मिनट बाद धड़कने लगा दिल, डाक्टर भी रह गये हैरान
The biggest miracle: Doctors declared him dead in the hospital, then after 15 minutes the heart started beating, even the doctors were surprised.

Big News: एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने डॉक्टरों और मेडिकल साइंस दोनों को हैरान कर दिया है। न्यू सिविल अस्पताल में एक 45 वर्षीय मरीज को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, लेकिन 15 मिनट बाद उसका दिल अचानक दोबारा धड़कने लगा। डॉक्टरों के अनुसार यह घटना बेहद दुर्लभ है, जिसे चिकित्सा भाषा में स्पॉन्टेनियस कार्डियक रिवाइवल कहा जाता है। चमत्कार करने वाला ये मामला गुजरात के सूरत का है।
ये एक ऐसा मामला था, जिसने डॉक्टरों तक को सोचने पर मजबूर कर दिया। अंकलेश्वर निवासी 45 वर्षीय राजेश पटेल को हार्ट फेल्योर की गंभीर समस्या के चलते अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में भर्ती करने के कुछ समय बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) सहित हर संभव चिकित्सा प्रयास किए, लेकिन ECG मॉनिटर पर सीधी लाइन (स्टेट लाइन) दिखने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
मृत्यु की घोषणा के बाद परिवार के लोग बेसुध होकर रोने लगे, जबकि डॉक्टर अस्पताल के नियमित कार्यों में लौट आए। लेकिन करीब 15 मिनट बाद कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। परिवार के एक सदस्य ने देखा कि मरीज के शरीर में हल्की हरकत हो रही है। तुरंत मॉनिटर पर नजर डालते ही डॉक्टरों ने पाया कि मरीज का दिल फिर से धड़कने लगा है।अस्पताल के डॉक्टरों ने तत्काल आपात कार्रवाई शुरू की और मरीज को वापस ICU में शिफ्ट कर दिया गया। कुछ ही देर में राजेश पटेल की हार्टबीट स्थिर हो गई और उनका ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित स्थिति में लौट आया।
डॉक्टर बोले – करियर में पहली बार देखा ऐसा मामला
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश चौधरी ने इस घटना पर कहा,“मेरे 30 साल के मेडिकल करियर में यह पहली बार हुआ है कि किसी मरीज को मृत घोषित करने के बाद वह स्वयं जीवित हो उठा। हमने कार्डियक अरेस्ट के मरीजों को CPR से वापस लाने की कोशिशें की हैं, लेकिन बिना किसी हस्तक्षेप के दिल का खुद से चल पड़ना बेहद दुर्लभ है।”
डॉक्टरों के अनुसार यह घटना “स्पॉन्टेनियस कार्डियक रिवाइवल” का उदाहरण है, जिसमें दिल की धड़कन अपने आप दोबारा शुरू हो जाती है। इसे मेडिकल जगत में “लाजर सिंड्रोम” के नाम से भी जाना जाता है — एक ऐसी स्थिति जब किसी व्यक्ति के शरीर में जीवन के सभी संकेत समाप्त हो जाने के बाद अचानक स्वत: पुनर्जीवन होता है।
न सांसें चल रही थीं, न नब्ज
डॉक्टरों ने बताया कि जब मरीज को मृत घोषित किया गया था, उस समय उनकी सांसें बंद थीं, दिल की धड़कन नहीं थी और न ही नाड़ी चल रही थी। यहां तक कि ECG पर कोई मूवमेंट नहीं था। इसके बावजूद 15 मिनट बाद उनका दिल अपने आप चलने लगा, जो कि बेहद असामान्य है।फिलहाल राजेश पटेल ICU में हैं और उनकी स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 घंटे मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
मेडिकल जगत में चर्चा का विषय बनी घटना
यह मामला न सिर्फ सूरत बल्कि पूरे राज्य के चिकित्सा समुदाय के लिए अध्ययन का विषय बन गया है। मेडिकल कॉलेजों में इस घटना को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि किन परिस्थितियों में स्पॉन्टेनियस कार्डियक रिवाइवल संभव है।विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि “मृत घोषित करने से पहले पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है”, क्योंकि कुछ दुर्लभ मामलों में मानव शरीर अप्रत्याशित प्रतिक्रिया दे सकता है।









