मिडिल ईस्ट जंग के बीच बड़ा सवाल: भारत, चीन और जापान के पास कितना तेल बचा है? जानिए कितने दिन चल पाएगा देश का काम
ईरान-अमेरिका तनाव से वैश्विक ईंधन सप्लाई पर दबाव, तेल भंडार के मामले में जापान सबसे आगे; भारत के पास कितने दिन का बैकअप?

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। Iran और United States के बीच जारी संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति को लेकर दुनिया के कई देशों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे हालात में हर देश अपने पास मौजूद तेल भंडार के सहारे स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी देश में तेल की जरूरत वहां की आबादी और प्रति व्यक्ति खपत पर निर्भर करती है। इसी आधार पर यह तय होता है कि किसी देश का स्टॉक कितने दिनों तक काम चला सकता है।
भारत के पास कितना तेल स्टॉक
International Energy Agency (IEA) के आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास करीब 3.9 करोड़ बैरल रणनीतिक तेल भंडार मौजूद है। भारत की आबादी लगभग 144 करोड़ है और यहां प्रति व्यक्ति करीब 0.6 लीटर तेल की खपत होती है।
इस हिसाब से केवल रणनीतिक भंडार के आधार पर भारत लगभग 9.5 दिनों तक अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है। हालांकि यदि रिफाइनरी और बंदरगाहों पर मौजूद भंडार को भी जोड़ दिया जाए तो भारत के पास लगभग 74 दिनों का बैकअप उपलब्ध है।
बताया जा रहा है कि भारत इस दौरान Iran से बातचीत कर मिडिल ईस्ट से तेल की आपूर्ति जारी रखने की कोशिश कर रहा है, ताकि देश में ईंधन की कमी न हो।
जापान के पास सबसे बड़ा स्टॉक
Japan तेल भंडारण के मामले में काफी मजबूत स्थिति में है। जापान के पास करीब 32.4 करोड़ बैरल तेल का स्टॉक मौजूद है। वहां की आबादी लगभग 12.2 करोड़ है और प्रति व्यक्ति करीब 4 लीटर तेल की खपत होती है।
इस आधार पर जापान अपने मौजूदा स्टॉक के सहारे लगभग 230 दिनों तक काम चला सकता है।
चीन के पास कितना बैकअप
China के पास 110 करोड़ बैरल से अधिक तेल का भंडार बताया जाता है। करीब 141 करोड़ आबादी वाले इस देश में प्रति व्यक्ति 1.8 लीटर तेल की खपत होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस स्टॉक के आधार पर चीन लगभग 90 दिनों तक अपनी जरूरतों को पूरा कर सकता है।
अमेरिका की स्थिति
United States के पास भी बड़ा रणनीतिक तेल भंडार मौजूद है। अमेरिका के पास लगभग 41.54 करोड़ बैरल तेल का स्टॉक है। वहां की आबादी करीब 34.2 करोड़ है और प्रति व्यक्ति तेल खपत करीब 8.2 लीटर है।
इस हिसाब से अमेरिका का मौजूदा भंडार करीब 85 दिनों तक देश की जरूरतों को पूरा कर सकता है।
वैश्विक बाजार पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है तो दुनिया के कई देशों को अपने रणनीतिक तेल भंडार का सहारा लेना पड़ सकता है। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार और कीमतों पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।









